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तालाबों में 'ऊपर बिजली, नीचे मछली' योजना होगी लागू; अररिया DM ने दिया साइलेज प्लांट और मिल्क चिलिंग सेंटर का निर्देश

Published: Thu, 20 Aug 2026 09:09 AM (IST)

डीएम विनोद दूहन की अध्यक्षता में अररिया में पशुपालन, गव्य विकास और मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। ...और पढ़ें

दिसंबर तक दूध संग्रहण 30 हजार से बढ़ाकर 40 हजार लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य; साइलेज से संरक्षित होगा हरा चारा

दिसंबर तक दूध संग्रहण 30 हजार से बढ़ाकर 40 हजार लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य; साइलेज से संरक्षित होगा हरा चारा

HighLights

  1. अररिया में मिल्क चिलिंग सेंटर और साइलेज प्लांट स्थापित होंगे।

  2. 'ऊपर बिजली, नीचे मछली' योजना वाइब्रेंट विलेज में लागू होगी।

  3. FMD टीकाकरण का डिजिटल सत्यापन और निगरानी की जाएगी।

जागरण संवाददाता, अररिया। पशुपालन, गव्य विकास एवं मत्स्य विभाग की योजनाओं को धरातल पर गति देने के लिए बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा करते हुए डीएम ने पशुपालकों, किसानों और मत्स्य पालकों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।

जिले में स्थापित होगा मिल्क चिलिंग सेंटर व साइलेज प्लांट

गव्य विकास की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने जिले में दूध को सुरक्षित रखने के लिए 'मिल्क चिलिंग सेंटर' (दुग्ध शीतक केंद्र) की स्थापना हेतु जिला गव्य विकास पदाधिकारी को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही पशुओं के लिए पौष्टिक चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 'साइलेज प्लांट' लगाने की पहल करने को कहा गया। इस प्लांट के माध्यम से मक्का आदि हरे चारे को विशेष वैज्ञानिक तकनीक से प्रोसेस कर लंबे समय तक संरक्षित रखा जा सकेगा, जिससे बाढ़ या सूखे के समय भी पशुओं को पौष्टिक चारा मिल सकेगा।

बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिले की दुग्ध उत्पादन समितियों द्वारा प्रतिदिन लगभग 30,000 लीटर दूध का संग्रहण किया जा रहा है। डीएम ने आगामी दिसंबर माह तक इसमें 10,000 लीटर की अतिरिक्त वृद्धि करते हुए प्रतिदिन 40,000 लीटर दुग्ध संग्रहण का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया।

वाइब्रेंट विलेज में 'ऊपर बिजली, नीचे मछली' प्रोजेक्ट

मत्स्य विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एक अभिनव प्रयोग को जमीन पर उतारने का निर्देश दिया। योजना, ब्रेडा (BREDA) एवं मत्स्य विभाग के संयुक्त समन्वय से सीमावर्ती वाइब्रेंट विलेज (Vibrant Village) क्षेत्र में स्थित तालाबों पर “ऊपर बिजली, नीचे मछली” की अवधारणा पर कार्य होगा। इसके तहत तालाबों के ऊपर सोलर पैनल लगाकर सौर ऊर्जा का उत्पादन किया जाएगा, जबकि नीचे जलक्षेत्र में मछली पालन होगा। डीएम ने अधिकारियों को इस बहुउद्देशीय परियोजना की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा।

FMD टीकाकरण का होगा डिजिटल सत्यापन]

पशुपालन विभाग की समीक्षा के क्रम में खुरहा-मुंहपका (FMD) टीकाकरण अभियान की प्रगति जांची गई। डीएम ने टीकाकरण कार्य को पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के उपरांत पशुओं के साथ लिए जाने वाले फोटोग्राफ को व्यवस्थित ढंग से ऑनलाइन स्टोर व सुरक्षित रखा जाए, ताकि फील्ड स्तर पर टीकाकरण कार्य का सटीक भौतिक सत्यापन और मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।

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