SSB कैंप के पास कैसे खड़े हो गए अवैध गोदाम? खाद, गांजा और ब्राउन शुगर की तस्करी का सेफ जोन बना भारत-नेपाल बॉर्डर
Araria Indo-Nepal Border Smuggling: भारत-नेपाल सीमा पर अररिया जिले में खाद, गांजा और ब्राउन शुगर की तस्करी के साथ हवाला ...और पढ़ें

Araria Indo-Nepal Border Smuggling: बेला बॉर्डर पर सक्रिय हवाला नेटवर्क, ₹17.95 लाख नेपाली करेंसी बरामदगी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
HighLights
अररिया सीमा पर तस्करी और हवाला कारोबार का खुलासा।
17.95 लाख नेपाली करेंसी जब्त, जांच जारी।
SSB कैंप के पास अवैध गोदामों पर सवाल।
संवाद सूत्र, फुलकाहा (अररिया)। Araria Indo-Nepal Border Smuggling: भारत-नेपाल सीमा से सटे अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत सीमावर्ती इलाकों में तस्करी के बढ़ते अवैध कारोबार के बीच हवाला के जरिए काले धन के लेन-देन की आशंका ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस के कान खड़े कर दिए हैं।
सीमावर्ती क्षेत्र में भारतीय भूभाग से नेपाल की ओर बड़े पैमाने पर यूरिया व डीएपी खाद की तस्करी की चर्चाएं आम हैं, जबकि नेपाल के रास्ते सीमा पार से गांजा, चरस और ब्राउन शुगर जैसे नशीले पदार्थों की खेप भारतीय बाजारों में खपाए जाने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, इन दोनों तरफ से होने वाले अवैध कारोबार के वित्तीय निपटारे के लिए भूमिगत हवाला नेटवर्क का बड़े स्तर पर उपयोग किया जा रहा है।
इसी कड़ी में बीते 29 अगस्त को बसमतिया थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बेला वार्ड संख्या आठ में छापेमारी कर शिवराम यादव के घर से 17 लाख 95 हजार रुपये की नेपाली करेंसी बरामद की थी। पुलिस ने शिवराम यादव को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की, जिसमें रकम किसी बड़े कारोबारी को सौंपे जाने की बात सामने आई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद पुलिस ने बरामद पूरी नेपाली मुद्रा फारबिसगंज कस्टम विभाग के सुपुर्द कर दी है।
बार-बार बेला बॉर्डर से ही क्यों मिल रही विदेशी मुद्रा?
सीमावर्ती बेला इलाके से नेपाली करेंसी की यह कोई पहली बरामदगी नहीं है। इससे पूर्व भी इस क्षेत्र से कई बार भारी मात्रा में नेपाली रुपये जब्त किए जा चुके हैं। लगातार हो रही बरामदगियों ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या बेला बॉर्डर तस्करी के संगठित वित्तीय सिंडिकेट का मुख्य केंद्र बन चुका है? स्थानीय लोगों के अनुसार, तस्करी के सामान की आपूर्ति के बदले सीमा के दोनों ओर सक्रिय सरगना हवाला और अवैध एजेंटों के जरिए नकद रकम एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा रहे हैं।
चार साल में बदला बॉर्डर का स्वरूप, खड़े हो गए बड़े-बड़े गोदाम
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि महज चार साल पहले तक बेला बॉर्डर पर चंद छोटी-मोटी दुकानें और सामान्य स्थानीय व्यापार ही दिखाई देता था। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में यहां का परिदृश्य पूरी तरह बदल गया है। सीमा के ठीक मुहाने पर दर्जनों पक्के मकान, विशाल दुकानें और बड़े-बड़े गोदाम रातों-रात खड़े हो गए हैं।
भारत-नेपाल सीमा से सटे अररिया के नरपतगंज प्रखंड में तस्करी के पैसों के भुगतान के लिए हवाला नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका
बसमतिया थाना क्षेत्र के बेला वार्ड-8 में छापेमारी कर पुलिस ने बरामद की 17 लाख 95 हजार की नेपाली करेंसी, फारबिसगंज कस्टम को सौंपी
भारत से खाद और नेपाल से मादक पदार्थों (गांजा, ब्राउन शुगर) की तस्करी की चर्चा; रकम के लेन-देन में सीमा पार से जुड़े तार
चार साल में बदला सीमा का भूगोल; बाहरी कारोबारियों ने लीज पर जमीन लेकर खड़े किए गोदाम, SSB कैंप से 200 मीटर दूरी पर दुकानें
चर्चा है कि सुपौल के वीरपुर, फारबिसगंज और अन्य सुदूर क्षेत्रों के कई बाहरी व्यापारी यहां स्थानीय लोगों से जमीन लीज पर लेकर व्यवसाय संचालित कर रहे हैं। इन प्रतिष्ठानों की आड़ में होने वाली कथित अवैध गतिविधियों और इनमें निवेश किए गए अकूत धन के स्रोत की जांच अब तक किसी एजेंसी ने नहीं की है।
एसएसबी कैंप के मुहाने पर कारोबार, सुरक्षा पर सवाल
सीमा क्षेत्र में सुरक्षा के लिहाज से सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि सशस्त्र सीमा बल (SSB) कैंप के ठीक आसपास भारी संख्या में गोदाम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान फल-फूल रहे हैं। कुछ दुकानें तो सुरक्षा बलों के कैंप से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में संदिग्ध लोगों और वाहनों की चौबीसों घंटे आवाजाही सुरक्षा बलों की निगरानी व्यवस्था के लिए भी बड़ी चुनौती बनी हुई है।
बसमतिया थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि 17 लाख 95 हजार नेपाली करेंसी की जब्ती के बाद मामले की पूरी रिपोर्ट कस्टम विभाग को सौंप दी गई है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि जब तक पुलिस, कस्टम और केंद्रीय जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से इस विदेशी मुद्रा के मूल स्रोत, गंतव्य और हवाला सिंडिकेट की कड़ियों की तह तक नहीं पहुंचतीं, तब तक सीमा पार सक्रिय इस संगठित नेटवर्क पर लगाम लगाना संभव नहीं होगा।
