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    अररिया जिले में हुई रिकॉर्ड तोड़ मक्के की खेती, अब आसमानी आफत से चिंतित हैं किसान

    Updated: Fri, 24 Apr 2026 04:47 PM (IST)

    अररिया जिले में इस साल रिकॉर्ड 1.1 लाख हेक्टेयर में मक्के की खेती हुई है, लेकिन किसान आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से फसल को नुकसान पहुंचने को लेकर चिंतित ...और पढ़ें

    अररिया जिले में हुई रिकॉर्ड तोड़ मक्के की खेती, अब आसमानी आफत से चिंतित हैं किसान (AI Generated Image)

    अररिया जिले में हुई रिकॉर्ड तोड़ मक्के की खेती, अब आसमानी आफत से चिंतित हैं किसान (AI Generated Image)

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    अफसर अली, अररिया। अररिया जिला में रिकॉर्ड तोड़ मक्का का फसल लगा है। इस बार सबसे अधिक 1.1 लाख हेक्टेयर में मक्का की फसल लगी है, लेकिन आंधी, ओलावृष्टि, चक्रवात के डर को लेकर किसान चिंतित हैं।

    कुछ दिन पहले आई तेज आंधी बारिश के चलते जिले के करीब 20 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन पर लहलहाते मक्के की फसल को नुकसान पहुंचा है।

    स्थिति है कि सुबह से शाम तक किसानों की निगाहें आसमान की तरफ टीकी रहती, कहीं आसमानी बलाएं उनके बचे अरमानों को चकनाचूर न कर दे।

    टूटे सारे पिछले सारे रिकॉर्ड:

    इस बार जिले के किसानों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जिले में एक लाख एक सौ हेक्टेयर में मक्के की बुआई हुई है। जिसमें रानीगंज प्रखंड में सबसे अधिक 25581.5 हेक्टेयर में मक्का का फसल लगा है।

    विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इसबार जिले में मक्के की खेती के प्रति किसानों की रुचि और अधिक बढ़ी है।

    वर्ष 2020-23 में जहां करीब 42 हजार हेक्टेयर खेत में मक्के की खेती हुई थी। वहीं, 2023-24 में 90 हजार और 2024-25 में बढ़कर 94 हजार हेक्टेयर से अधिक खेत में मक्का की फसल लगी थी, जबकि इसबार 2025-26 में एक लाख हेक्टेयर के पार हो गया है। जिले के सबसे अधिक भूमि में मक्के की खेती हो रही है।

    टीम गठित:

    कुछ दिन पहले आई तेज आंधी- बारिश, ओलावृष्टि के चलते मक्के के फसल को नुकसान पहुंचा था। डीएम विनोद दुहन के आदेश पर जांच टीम गठित की गई थी। अलग-अलग पंचायतों में अलग-अलग गठित स्थल जांच कर डीएम को रिपोर्ट सौंपी।

    जिसमें करीब 20 हजार हेक्टेयर में लगे मक्का के फसल को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई। इसके लिए प्रखंड व जिला स्तर पर कंट्रोल रूम भी बना गया है। जिसमें किसान अपनी समस्याएं बता सकेंगे।

    इस बार एक लाख एक सौ हेक्टेयर में मक्के की फसल लगी है। जिसमें आंधी, ओलावृष्टि के चलते करीब 20 हजार हेक्टेयर में लगे मक्का की फसल को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित किसानों से आवेदन लिए जा रहे हैं। पांच मई तक आवेदन की अंतिम तिथि है। कृषि इंपुट योजना के तहत वास्तविक प्रभावित किसानों को मुआवजा मिलेगा। - डीएओ गौरव प्रताप सिंह, अररिया

    प्रखंड का नाम 2022-23 2023-24 2024-25 2025-26
    अररिया 6568 10035 10466 11495.2
    भरगामा 3523 8128 8235.41 8212.8
    फारबिसगंज 7067 9622 10293.5 11366.05
    जोकीहाट 7094 11626 - 9999.17
    कुर्साकांटा 4303 4987 4970.91 6169.78
    नरपतगंज 6679 12365 12930 13861.28
    पलासी - 3838 5095 5164
    रानीगंज 16774 22101 22547 25581.5
    सिकटी - 7640 7707.5 7334

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