यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Bridge Collapse: महज 3 साल में 9 बड़े ब्रिज हो गए धड़ाम, यहां पढ़ें 'भ्रष्टाचार' की भेंट चढ़े पुलों कहानी
Araria Bridge Collapse बिहार में एक और पुल धराशाई हो गया है। सुल्तानगंज के अगवानी घाट पर बना नवनिर्मित पुल के गिरने की घटना से लोग अभी उबरे भी नहीं थे ...और पढ़ें

डिजिटल डेस्क, अररिया। Bihar Bridge Collapse: सिकटी में करोड़ों की लागत से बना पुल ध्वस्त होकर जमींदोज हो गया है। लोगों की आशा भरी निगाहें इस पुल पर आवागमन की प्रतीक्षा कर रही थी। यह नवनिर्मित पुल भारत-नेपाल सीमा पर स्थित सिकटी प्रखंड के ठेंगापुर पंचायत अंतर्गत आती है।
बकरा नदी के पड़रिया घाट पर बना नवनिर्मित पुल उद्घाटन से पूर्व ध्वस्त हो गया। यह पुल बहुत जल्द उद्घाटन होने के बाद सिकटी और कुर्साकांटा प्रखंड को जोड़ने वाली थी।
सात करोड़ 79 लाख 60 हजार रुपये की लागत से बना इस पुल का निर्माण पहले बने पुल के एप्रोच पथ कट जाने के बाद कराया गया था। पुल के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल की बात लोगों द्वारा बताई जा रही है।
इधर, विभागीय स्तर पर पुल के एप्रोच पथ बहाल करने की कवायद शुरू की गई थी। लेकिन उससे पहले ही पुल धराशायी होकर बिखर गया।
बिहार में पुलों के धराशाई होने का लंबा इतिहास है। केवल पिछले तीन साल का जिक्र करें तो तीन सालों में यहां नौ पुल धराशाई हो गए हैं। इसमें से कई पुल तो ऐसे रहे, जो निर्माण के दौरान ही ढह गए, जबकि कई उद्घाटन से कुछ दिन पहले।
18 जून, जब अररिया में भरभराकर गिर पड़ा पुल
18 जून 2024 को अररिया के सिकटी प्रखंड में बकरा नदी के पड़रिया घाट पर निर्मित पुल भरभराकर गिर पड़ा था। इस पुल का निर्माण सिकटी और कुर्साकाटा प्रखंड को जोड़ने के लिए किया गया था।
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इस पुल के बनने की अपनी अलग कहानी है। जब पुल को पहली बार बनाया गया तो नदी का किनारा बाढ़ के कारण दूर रह गया।
नदी के किनारे तक पुल को जोड़ने के लिए 12 करोड़ की लागत से फिर से निर्माण शुरू किया गया था, लेकिन 18 जून को पुल अचानक भरभराकर गिर गया।
22 मार्च को सुपौल में निर्माणाधीन पुल का हिस्सा गिरा
NHAI की तरफ से मधुबनी के भेजा और सुपौल के बकौर के बीच कोसी नदी पर पुल का निर्माण किया जा रहा था। इसी बीच, 22 मार्च 2024 को बकौर में पुल का एक हिस्सा गिर गया।
इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस पुल को करीब 1200 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा था।
4 जून 2023, भागलपुर पुल हादसा
भागलपुर में गंगा नदी पर 1710 करोड़ की लागत से फोरलेन पुल बनाया जा रहा था। इस पुल के निर्माण से उत्तर व पूर्वी बिहार से संपर्क आसान हो जाता, लेकिन पुल निर्माणाधीन ही था कि वह धड़ाम हो गया।
19 मार्च 2023 को सारण में धड़ाम हुआ पुल
सारण में एक सड़क पुल दशकों से पुनरुद्धार की राह देख रहा था। अंग्रेजों के जमाने का बना यह पुल बिल्कुल जर्जर हो चुका था, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण पुनरुद्धार की राह तकते-तकते ही यह पुल ढह गया।
19 फरवरी 2023 को पटना में धड़ाम हुआ पुल
पुल के धड़ाम होने से राज्य की राजधानी पटना भी अछूती नहीं रही है। 19 फरवरी 2023 को पटना में बिहटा और सरमेरा फोरलेन मार्ग पर निर्माणाधीन पुल धराशायी हो गया।
16 जनवरी 2023 को दरभंगा में धराशाई हुआ पुल
16 जनवरी 2023 को दरभंगा जिले में भी एक पुल धराशायी हो गया। यह पुल कमला बलान नदी पर स्थित था, जो दरभंगा को मधुबनी, सहरसा और समस्तीपुर से जोड़ता था।
18 नवंबर 2022 को नालंदा में गिरा निर्माणाधीन पुल
18 नवंबर 2022 को नालंदा में भी एक निर्माणाधीन पुल धराशायी हो गया था। इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गयी थी।
9 जून 2022 को सहरसा में धड़ाम हुआ पुल
9 जून 2022 को सहरसा में एक पुल गिर गया था। इस हादसे में तीन मजदूर घायल हो गये थे।
20 मई 2022 को पटना का पुराना पुल ढहा
20 मई 2022 को पटना में 136 साल पुराना पुल भरभराकर गिर गया था। इस पुल का निर्माण ब्रिटिश सरकार में 1884 में हुआ था। यह पुल फतुहा उपनगर में स्थित था।