जोगबनी-देवघर सीधी रेल सेवा से श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत, रेलवे को भी होगा बड़ा फायदा, नेपाल के बम भी जाएंगे देवघर
अररिया और आसपास के क्षेत्रों से बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जोगबनी से देवघर तक सीधी त्रैसाप्ताहिक श्रावणी स्पेशल ट्रेन चलाने की मां ...और पढ़ें

जोगबनी से देवघर के लिए श्रावणी स्पेशल ट्रेन की तेज़ हुई मांग, नेपाल और अररिया के हज़ारों श्रद्धालुओं को होगा लाभ
HighLights
जोगबनी से देवघर तक सीधी श्रावणी स्पेशल ट्रेन की मांग।
वर्तमान में भक्तों को यात्रा में होती है भारी असुविधा।
प्रस्तावित ट्रेन से श्रद्धालुओं को राहत, रेलवे को राजस्व लाभ।
संवाद सूत्र, फारबिसगंज (अररिया)। अररिया और उसके आस-पास के क्षेत्रों, जिनमें फारबिसगंज, जोगबनी और पड़ोसी देश नेपाल के कई हिस्से शामिल हैं, से हर साल श्रावण मास में बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) जाने वाले शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
सुल्तानगंज से गंगाजल उठाकर कांवर यात्रा शुरू करने वाले इन हज़ारों श्रद्धालुओं के लिए देवघर पहुँचने की राह आज भी चुनौतीपूर्ण है। इस पूरे क्षेत्र से देवघर और सुल्तानगंज के लिए कोई सीधी रेल सेवा न होने के कारण यात्रियों को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता है।
वर्तमान चुनौतियां और भक्तों की मजबूरी
सीधी रेल कनेक्टिविटी के अभाव में, श्रद्धालुओं के पास सड़क मार्ग या विभिन्न स्टेशनों से ट्रेन बदलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। यह न केवल उनके समय को बढ़ाता है बल्कि आर्थिक रूप से भी बोझिल होता है। सड़क मार्ग से यात्रा करने पर भक्तों को निजी बसों और टैक्सियों के लिए अत्यधिक किराया देना पड़ता है।
विशेष रूप से भागलपुर में विक्रमशीला सेतु पर भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या के कारण, सुल्तानगंज पहुँचने में उन्हें भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी यात्रा कष्टप्रद हो जाती है।
रेल उपयोगकर्ताओं और नागरिक समाज की एकजुट मांग
इस समस्या को ध्यान में रखते हुए, क्षेत्र के प्रमुख नागरिक और रेल उपयोगकर्ता संगठनों ने आगामी सावन-भादो मास के लिए जोगबनी से देवघर तक एक त्रैसाप्ताहिक (Tri-weekly) श्रावणी स्पेशल एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की मांग की है। बिहार डेली पैसेंजर्स एसोसिएशन की केंद्रीय समिति के सदस्य बच्छराज राखेचा, इन्डो-नेपाल आर्गेनाइजेशन ऑफ रेल यूजर्स के सदस्य विनोद सरावगी, बिहार रेल यूजर्स एसोसिएशन के सदस्य चंदन भगत, स्टेशन सलाहकार समिति के सदस्य सुभाष अग्रवाल और फारबिसगंज सिविल सोसाइटी के अध्यक्ष मांगीलाल गोलछा सहित कई अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने संयुक्त रूप से मंडल रेल प्रबंधक (DRM), कटिहार से यह मांग की है।
खबरें और भी
सुझावित मार्ग और इसके लाभ
संगठनों द्वारा सुझाए गए मार्ग के अनुसार, यह ट्रेन जोगबनी से शुरू होकर फारबिसगंज, अररिया कोर्ट, पूर्णिया, कटिहार, मानसी, खगड़िया और फिर नवनिर्मित रेल पुल के रास्ते मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर, बांका होते हुए देवघर तक चलाई जानी चाहिए। यह प्रस्तावित मार्ग न केवल श्रद्धालुओं के लिए सबसे सुविधाजनक होगा, बल्कि एक बड़े क्षेत्र को जोड़ेगा। पत्र की प्रति महाप्रबंधक, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR), मालीगांव और पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर को भी भेजी गई है।
क्षेत्रीय सांसद से हस्तक्षेप का अनुरोध
विनोद सरावगी ने क्षेत्रीय सांसद प्रदीप सिंह से भी इस मामले में हस्तक्षेप करने और रेलवे प्रशासन से पहल करने का अनुरोध किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि इस ट्रेन का परिचालन केवल दो से तीन महीनों के लिए प्रायोगिक तौर पर भी शुरू कर दिया जाए, तो यह इस इलाके के गरीब और मध्यमवर्गीय रेल यात्रियों के लिए एक वरदान साबित होगी। इससे उन्हें महंगे और असुरक्षित निजी बस सफर से मुक्ति मिलेगी और बाबा के दर्शन सुलभ हो सकेंगे। यह ट्रेन न केवल भक्तों के लिए राहत लाएगी बल्कि रेलवे के लिए भी राजस्व का एक अच्छा स्रोत बनेगी।