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प्रसव के बाद महिला की मौत, सदर अस्पताल में हंगामा; नर्स और आशा कार्यकर्ता पर पैसे लेने का आरोप

Published: Mon, 31 Aug 2026 02:53 PM (IST)

अररिया सदर अस्पताल में प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही ...और पढ़ें

अस्पताल के बाहर लोगों की लगी भीड़। (जागरण)

अस्पताल के बाहर लोगों की लगी भीड़। (जागरण)

HighLights

  1. प्रसव के बाद महिला की मौत, परिजनों का हंगामा।

  2. इलाज में लापरवाही, नर्स-आशा पर रिश्वत का आरोप।

  3. प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन, कार्रवाई की मांग।

जागरण संवाददाता, अररिया। अररिया सदर अस्पताल को मॉडल अस्पताल का दर्जा मिलने के बाद यहां अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा किया जाता है, लेकिन मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतें इन दावों पर सवाल खड़े कर रही हैं।

सोमवार सुबह प्रसव के बाद एक महिला की मौत के मामले ने अस्पताल की व्यवस्था को फिर कटघरे में खड़ा कर दिया। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने सदर अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया।

परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने के साथ ड्यूटी पर तैनात नर्स और आशा कार्यकर्ता पर तीन हजार रुपये लेने का भी आरोप लगाया।

सदर अस्पताल में कराया था भर्ती

मिली जानकारी के अनुसार, रानीगंज प्रखंड क्षेत्र के गुणवती पंचायत के वार्ड संख्या-8 निवासी दिलीप कुमार राय की 26 वर्षीय बेटी अंजलि देवी को प्रसव पीड़ा के बाद 26 अगस्त को अररिया सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

परिजनों के मुताबिक, इससे करीब आठ दिन पहले भी अंजलि की सदर अस्पताल में जांच कराई गई थी। मृतका के पिता दिलीप कुमार राय का आरोप है कि जांच के दौरान आशा कार्यकर्ता और वहां मौजूद नर्सों ने रिपोर्ट सामान्य होने की बात कही थी। इसी दौरान ऑपरेशन के लिए कथित तौर पर तीन हजार रुपये की मांग की गई थी।

परिजनों का कहना है कि उन्होंने तीन हजार रुपये दे दिए थे और उन्हें आठ दिन बाद अस्पताल आने को कहा गया था। इसके बाद प्रसव पीड़ा होने पर अंजलि को सदर अस्पताल लाया गया।

परिजनों के अनुसार, दोपहर करीब तीन बजे ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया और बाद में महिला को जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।

परिजनों का आरोप है कि प्रसव के बाद अंजलि की समुचित निगरानी नहीं की गई। उनका कहना है कि न तो कोई डॉक्टर उसे देखने पहुंचा और न ही नर्सों ने उसकी स्थिति पर पर्याप्त ध्यान दिया।

नवजात की बिगड़ने लगी तबीयत

इसी बीच नवजात की तबीयत भी बिगड़ने लगी। बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उसे शहर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज कराया।

महिला की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध पीकू वार्ड, एसएनसीयू समेत अन्य सुविधाओं के बावजूद गंभीर मरीजों को निजी अस्पताल ले जाने की स्थिति पर सवाल उठाए।

हंगामे की सूचना पर बीडीओ सम्राट प्रीतम, नगर थाना अध्यक्ष मनीष कुमार रजक और अंचल कार्यालय के आरओ शंभू कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से घटना की जानकारी लेकर उन्हें शांत कराया।

मृतका के पिता दिलीप कुमार राय ने अनुमंडल पदाधिकारी के नाम आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

बीडीओ सम्राट प्रीतम ने कहा कि परिजनों की ओर से इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया गया है। मामले की जांच कराई जाएगी और आरोप सही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई होगी।

वहीं, प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. जमील अहमद ने भी मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई किए जाने की बात कही है।

फिलहाल महिला की मौत के वास्तविक कारण और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। वहीं, तीन हजार रुपये लिए जाने के आरोप की भी जांच की आवश्यकता है।

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद ही अस्पताल कर्मियों की भूमिका और लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकेगी।

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