बिहार के अरवल में नहाने के दौरान सोन नदी में तीन बच्चे डूबे, एक किसी तरह बचा, दूसरे का मिला शव, तीसरा लापता
अरवल में सोन नदी में नहाते समय तीन किशोरों में से दो की डूबने से मौत हो गई, एक बचा। ...और पढ़ें

नदी में दो बच्चों की तलाश में जुटे गोताखाेर व नाविक। जागरण
HighLights
अरवल में सोन नदी में नहाते समय दो किशोर डूबे।
बालू निकासी से बने गहरे गड्ढे बने हादसे का कारण।
ग्रामीणों और पुलिस ने दोनों शवों को नदी से निकाला।
संवाद सहयोगी, कलेर( अरवल)। जिले के परासी थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर बाथे गांव के समीप सोन नदी में रविवार को नहाने गए तीन किशोर डूबने लगे।
एक किशोर किसी तरह नदी से बाहर निकलने में सफल रहा, लेकिन दो बच्चे भाग्यशाली नहीं रहे। डूबने से उनकी मौत हो गई।
ग्रामीणों और स्थानीय गोताखोरों की मदद से मृत्युंजय राम के 15 वर्षीय पुत्र हरिओम कुमार का शव बरामद हुआ। इसके बाद मुकेश राम के 14 वर्षीय पुत्र चंदन कुमार का शव नदी से बरामद किया गया।
तैरकर बाहर निकले बच्चे ने गांव में दी सूचना
बताया जाता है कि तीनों बच्चे डूबने लगे तो एक किसी तरह तैरकर बाहर आ गया। और गांव पहुंचकर शोर मचाकर घटना की जानकारी ग्रामीणों को दी।
सूचना मिलते ही ग्रामीण नदी किनारे पहुंचे और दोनों किशोरों की तलाश शुरू कर दी। घटनास्थल पर गांव के ही जवाहर चौधरी सोन नदी में मछली मार रहे थे।
किशोरों को डूबता देख उन्होंने तत्काल जाल के सहारे दोनों को बचाने का काफी प्रयास किया। लेकिन नदी में गहरे पानी और तेज बहाव के कारण उनका प्रयास सफल नहीं हो सका।
देखते ही देखते दोनों किशोर पानी में समा गए। नदी से दो किशोर का शव बरामद होते ही दोनों के परिवार में कोहराम मच गया। दोनों शव से लिपटकर स्वजन दहाड़ मारकर रोने लगे।
मशक्कत कर बाहर निकाला गया दो बच्चों का शव
घटना से लक्ष्मणपुर बाथे गांव में भी मातम पसर गया है। घटना की सूचना पर परासी थानाध्यक्ष मोहम्मद सिराज आलम पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे।
पुलिस की मौजूदगी में स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से दोनों शव नदी से बाहर निकाला गया। ग्रामीणों के अनुसार सोन नदी में इस समय पानी का प्रवाह काफी तेज है।
और जगह जगह बालू निकासी की वजह से गहरे गड्ढे भी बन गए है। गहरे गड्ढे व पानी की तेज धार में बहने से यह घटना हुई।
