अरवल में नीरा योजना फेल, रोक के बावजूद धड़ल्ले से बिक रही ताड़ी; लाइसेंस लेकर दोहरा लाभ कमा रहे टैपर
अरवल जिले में नीरा उत्पादन योजना विफल हो गई है, जहाँ सरकारी धन की बर्बादी हो रही है और लोग प्रतिबंध के बावजूद ताड़ी पी रहे हैं। ...और पढ़ें

रोक के बावजूद धड़ल्ले से बिक रही ताड़ी
HighLights
अरवल में नीरा उत्पादन योजना हुई विफल।
प्रतिबंध के बावजूद धड़ल्ले से बिक रही ताड़ी।
टैपर नीरा लाइसेंस से कमा रहे दोहरा लाभ।
जागरण संवाददाता, अरवल। जिला में नीरा उत्पादन में केवल सरकारी पैसों की फिजूलखर्ची हो रही है। लोग नीरा की जगह ताड़ी पी रहे है जबकि नियम के अनुसार ताड़ी बेचना प्रतिबंधित है फिर भी जिले में लोग ताड़ी पी रहे हैं।
लेकिन उत्पाद विभाग या पुलिस के द्वारा प्रतिबंध के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। सड़क किनारे ताड़ी बेचने से वाहन चालक भी ताड़ी पीते हैं और नशे में दुर्घटना के शिकार होते हैं।
ताड़ी उतारने वाले दोहरा लाभ ले रहे
ताड़ के पेड़ से ताड़ी उतारने वाले दोहरा लाभ ले रहे, एक तरफ उत्पाद विभाग से नीरा उत्पादन करने का लाइसेंस लेकर सरकारी लाभ का फायदा उठा रहे और दूसरी तरफ नीरा की जगह दिनभर ताड़ी बेचते है।
उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि आवेदन करने वाले 108 टैपर का लाइसेंस इस वर्ष दिया गया है जिसमें 99 का रिनिवल किया गया है। यहां से टैंपर का केवल लाइसेंस निर्गत होता है नीरा की खरीदारी, बिक्री करवाने की जिम्मेवारी जीविका को मिली हुई है।
जीविका देती है टैपर और ताड़ मालिक को पैसा
जीविका के पदाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि बताया कि अभी जीविका के द्वारा जिले के पांचों प्रखंडों में एक एक नीरा संग्रह केंद्र खुला हुआ है। जिसमें टैपर से ग्रेड ए के नीरा 40 रुपए लीटर और ग्रेड बी नीरा 35 रुपए लीटर लिया जाता है।
खबरें और भी
अभी शुरुआत में पांच केंद्रों पर नीरा की बिक्री होती है। इसके अलावा टैपर को 16 हजार 500 और ताड़ मालिक को एक ताड़ के लिए 6 रुपए जीविका के माध्यम से दिया जाता है। नीरा से प्राप्त होने वाले राजस्व के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी इसकी जानकारी नहीं है।
ताड़ी पियक्कड़ पर भी होती हैं कार्रवाई
उत्पाद अधीक्षक नित्यानंद प्रसाद ने बताया कि ब्रेथ एनालाइजर मशीन से पियक्कड़ों की जांच की जाती है। शराब और ताड़ी दोनों पीने पर मशीन नशा में बताता है इसके बाद नियम अनुसार कार्रवाई की जाती है। ताड़ी बेचने वाले को ताड़ी बर्बाद कर न बेचने की चेतावनी दी जाती है।