3600 करोड़ का बजट फिर भी जमीन अधिग्रहण नहीं; अरवल में रेलवे लाइन की मांग को लेकर स्थापना दिवस पर उपवास
अरवल में रेलवे लाइन की मांग को लेकर 13 साल से जारी आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। ...और पढ़ें

उपवास कार्यक्रम में शामिल लोग। जागरण
HighLights
अरवल में रेल लाइन की मांग को लेकर 13 साल से आंदोलन।
स्थापना दिवस पर एकदिवसीय उपवास, सरकार का ध्यान आकर्षित।
₹3600 करोड़ आवंटित, पर भूमि अधिग्रहण अभी भी लंबित।
जागरण संवाददाता, अरवल। जिले में रेलवे लाइन की मांग को लेकर पिछले 13 वर्षों से चल रहा आंदोलन एक बार फिर तेज होता दिखा।
अरवल जिले के स्थापना दिवस के अवसर पर रेलवे संघर्ष समिति और अरवल विकास मंच के बैनर तले बस स्टैंड में एकदिवसीय उपवास कार्यक्रम आयोजित किया गया।
रेल आंदोलन के सूत्रधार मनोज सिंह यादव के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उपवास के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार का ध्यान अरवल में रेलवे लाइन की मांग की ओर आकृष्ट कराया गया।
आंदोलनकारियों ने कहा कि लंबे समय से मांग किए जाने के बावजूद परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
3600 करोड़ रुपये के बजट का हवाला
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज सिंह यादव ने कहा कि भारत सरकार की ओर से बिहटा-अनुग्रह नारायण रोड रेल परियोजना के लिए 3600 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया जा चुका है।
परियोजना को लेकर सरकारी गजट भी जारी हो चुका है, लेकिन अभी तक जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार इसी तरह उदासीन रही तो रेलवे लाइन की मांग को लेकर फिर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल रेलवे लाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि अरवल के समग्र विकास से जुड़े अन्य मुद्दों को भी उठाता रहेगा।
फोरलेन, ट्रामा सेंटर और बाईपास की मांग
मनोज सिंह यादव ने अरवल में फोरलेन, ट्रामा सेंटर और बाईपास जैसी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिले में विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य अब भी लंबित हैं।
भ्रष्टाचार के मामलों का समाधान और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है। इन समस्याओं का समाधान नहीं होने तक अरवल का समुचित विकास संभव नहीं है।
उन्होंने जिला स्थापना दिवस के आयोजन के तरीके पर भी सवाल उठाया। आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और कुछ जनप्रतिनिधियों की ओर से स्थापना दिवस का आयोजन बंद कमरे में किया जाता है, जिससे आम जनता को अपनी समस्याएं उठाने का अवसर नहीं मिलता।
गांधी मैदान में स्थापना दिवस मनाने की मांग
अरवल विकास मंच ने जिला प्रशासन से अगले वर्ष स्थापना दिवस का आयोजन गांधी मैदान में कराने की मांग की। मंच के सदस्यों का कहना है कि स्थापना दिवस में आम लोगों और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी होनी चाहिए, ताकि जिले के विकास से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा हो सके।
कई लोग रहे मौजूद
उपवास कार्यक्रम में मनोज सिंह यादव, धनंजय कुमार, चंद्रकांत कुमार, रजनीश कुमार, मंटू कुमार, विजय बिहार, ओम प्रकाश कुमार, पप्पू कुमार, खंडू पासवान, उपेंद्र राजवंशी, गजेंद्र राजवंशी, बिजेंदर कुशवाहा, विनोद कुमार, रामजन्म चंद्रवंशी, छोटू कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
एकदिवसीय उपवास का समापन समाजवादी नेता राम अयोध्या प्रसाद विद्यार्थी ने आंदोलनकारियों को जूस पिलाकर कराया।
आंदोलनकारियों ने कहा कि अरवल में रेलवे लाइन की मांग को लेकर उनका संघर्ष पिछले 13 वर्षों से जारी है और मांग पूरी होने तक आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
