मिट्टी-फूस के घर में रहकर अरवल की बेटी ने रचा इतिहास, पहले BSF और फिर बिहार पुलिस में हासिल की नौकरी
करपी (अरवल) की ब्यूटी कुमारी ने सीमित संसाधनों के बावजूद पहले बीएसएफ और फिर बिहार पुलिस में नौकरी हासिल कर ...और पढ़ें

अरवल जिले के सूर्यपुर प्रखंड की ब्यूटी कुमारी। सौ-स्वजन
HighLights
ब्यूटी कुमारी ने बीएसएफ और बिहार पुलिस में नौकरी पाई।
सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से सफलता हासिल की।
उनकी कहानी अन्य बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई।
संवाद सहयोगी, करपी (अरवल)। मिट्टी और फूस के घर में पली-बढ़ी ब्यूटी कुमारी ने अपनी मेहनत और हौसले से सफलता की नई इबारत लिखी है।
पिता को खेती के बाद परिवार के भरण-पोषण के लिए दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करनी पड़ती है। सीमित संसाधनों के बावजूद ब्यूटी ने पढ़ाई जारी रखी और एक के बाद एक दो सरकारी नौकरियां हासिल कीं।
मार्च 2025 में उनका चयन सीमा सुरक्षा बल (BSF) में हुआ। इसके बाद जून में उन्होंने बिहार पुलिस की परीक्षा भी उत्तीर्ण कर ली। ब्यूटी ने बिहार पुलिस की नौकरी ज्वाइन की।
पिता करते हैं खेती और दूसरे प्रदेशों में मजदूरी
ब्यूटी सोनभद्र बंशी सूर्यपुर प्रखंड की सोनभद्र पंचायत अंतर्गत मोगलापुर गांव निवासी पारसनाथ पासवान की पुत्री हैं। चार बहनों में सबसे बड़ी ब्यूटी का परिवार आज भी मिट्टी और फूस के साधारण मकान में रहता है।
परिवार के पास महज दो-चार कट्ठा जमीन है, जिससे पूरे परिवार का भरण-पोषण संभव नहीं है। पिता पारसनाथ खेती के मौसम में दूसरों की जमीन बटाई पर लेकर खेती करते हैं।
खेती का काम खत्म होने के बाद परिवार की जरूरतें पूरी करने के लिए दूसरे प्रदेशों में मजदूरी करने चले जाते हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने बेटियों की पढ़ाई में बाधा नहीं आने दी।
बीएसएफ के बाद बिहार पुलिस में भी चयन
स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद ब्यूटी ने लगातार मेहनत की। इसी का परिणाम रहा कि मार्च 2025 में उनका चयन बीएसएफ में हो गया।
इसके बाद जून में बिहार पुलिस की परीक्षा में भी उन्होंने सफलता हासिल की। वर्तमान में उनका पदस्थापन बेगूसराय में है और कटिहार में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं।
ब्यूटी की सफलता से गांव और पंचायत के लोग गौरवान्वित हैं। जिन परिस्थितियों में उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है, वह क्षेत्र की दूसरी बेटियों के लिए भी प्रेरणा बन गया है।
उनकी कामयाबी ने साबित किया है कि सीमित संसाधन और आर्थिक कठिनाइयां भी मजबूत इरादों के सामने बाधा नहीं बन सकतीं।
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