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अरवल में नियमों की अनदेखी कर बन रहे अवैध मकान, राजस्व को भारी नुकसान

Published: Fri, 19 Jun 2026 03:32 PM (IST)

अरवल नगर परिषद क्षेत्र में बिना अनुमति और नक्शा पास कराए आवासीय और व्यावसायिक भवनों का निर्माण धड़ल्ले से हो रहा है, जिससे अतिक्रमण बढ़ रहा है।

अरवल में नियमों को ताक पर रख बन रहे मकान

अरवल में नियमों को ताक पर रख बन रहे मकान

HighLights

  1. अरवल में बिना अनुमति और नक्शा पास कराए बन रहे हैं भवन।

  2. अवैध निर्माण से नगर परिषद को राजस्व का भारी नुकसान।

  3. कार्यपालक अधिकारी ने बिना नक्शे वाले मकानों पर कार्रवाई की चेतावनी।

जागरण संवाददाता, अरवल। नगर परिषद क्षेत्र में बिना अनुमति व नक्शा पास कराए आवासीय एवं व्यावसायिक भवन का निर्माण किया जा रहा है। नगर परिषद के अधिकारी इससे वाकिफ होकर भी कार्रवाई करने से बचते रहे हैं। बेतरतीब तरीके से भवन निर्माण करने से शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण बढ़ रहा है। 

नगर परिषद के पास कोई ब्योरा नहीं है कि एक वर्ष में शहरी क्षेत्र में कितने नए मकान का निर्माण हुआ और कितने निर्माणाधीन हैं। एक कट्ठा जमीन पर भवन बनाने के लिए नक्शा पास कराने पर 50 हजार रुपये का खर्च आता है। 

प्रति मंजिल के हिसाब से लगता है टैक्स

दो से ज्यादा मंजिल का मकान बनाने पर प्रति मंजिल के हिसाब से टैक्स देना होता है। नक्शा बनाने में लैंड डेवलपमेंट फीस आठ हजार रुपये, नगर परिषद को टैक्स के रूप में दस रुपये पर स्क्वायर मीटर, श्रम संसाधन विभाग को मकान की लागत का एक प्रतिशत टैक्स देने के अलावा सात से 20 हजार रुपये वास्तुविद के द्वारा नक्शा बनाने में लिया जाता है।

बिना नक्शा पास कराए मकान बनाने से नगर परिषद एवं श्रम संसाधन विभाग को संयुक्त रूप से राजस्व का नुकसान हो रहा है। शहर में हर साल सौ से ज्यादा मकान बन रहे हैं। 

नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी मोनू कुमार ने कहा कि आर्किटेक्ट से नक्शा पास करने वाले भवन को ही वैध माना जाएगा। बिना नक्शा के मकान बनाने वाले पर कार्रवाई होगी।

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