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    औरंगाबाद में जमीन की सरकारी दरें हुईं दोगुनी, फिर भी कम नहीं हुआ खरीद-बिक्री का क्रेज

    Updated: Mon, 06 Jul 2026 03:25 PM (IST)

    औरंगाबाद में जमीन की सरकारी दर और निबंधन शुल्क दोगुना होने के बावजूद खरीद-बिक्री की रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ा है। ...और पढ़ें

    औरंगाबाद में जमीन की बढ़ी कीमतों के बावजूद निबंधन जारी, राजस्व में उछाल

    औरंगाबाद में जमीन की बढ़ी कीमतों के बावजूद निबंधन जारी, राजस्व में उछाल

    HighLights

    1. जमीन की बढ़ी दरों के बावजूद निबंधन में कमी नहीं।

    2. प्रतिदिन औसतन 100-110 डीड का हो रहा निबंधन।

    3. जमीन को भविष्य का सुरक्षित निवेश मान रहे लोग।

    जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। जमीन की नई सरकारी दर (एमवीआर) लागू होने और निबंधन शुल्क में बढ़ोतरी के बावजूद जिले में जमीन की खरीद-बिक्री की रफ्तार पर कोई खास असर नहीं पड़ा है। जमीन का मूल्य और निबंधन शुल्क लगभग दोगुना होने के बाद भी निबंधन कार्यालय में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

    रोजाना औसतन 100 से 110 डीड का निबंधन हो रहा है, जिससे स्पष्ट है कि बढ़ी हुई लागत के बावजूद लोगों का जमीन खरीदने का उत्साह बरकरार है।

    जुलाई माह के पहले पांच दिनों, यानी एक से पांच जुलाई तक जिले में कुल 379 डीड का सफलतापूर्वक निबंधन किया गया। वहीं छह जुलाई के लिए भी 108 आवेदन पहले ही प्राप्त हो चुके हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी निबंधन की रफ्तार इसी तरह बनी रहेगी।

    निबंधन कार्यालय में सुबह से ही खरीदार और विक्रेता अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंच रहे हैं। दस्तावेजों की जांच, ऑनलाइन प्रक्रिया और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद डीड का निबंधन किया जा रहा है। अधिक भीड़ के कारण लोगों को कुछ समय तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन नियमित प्रक्रिया के चलते सभी कार्य समय पर पूरे किए जा रहे हैं।

    जानकारों का मानना है कि जमीन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए लोग इसे भविष्य के सुरक्षित निवेश के रूप में देख रहे हैं। यही वजह है कि बढ़ी हुई सरकारी दर और निबंधन शुल्क भी लोगों को जमीन खरीदने से नहीं रोक पा रहे हैं। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी आवासीय और कृषि भूमि की खरीद-बिक्री का सिलसिला जारी है।

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    निबंधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जा रहे हैं। दस्तावेज सही पाए जाने पर उसी दिन निबंधन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है। कार्यालय में पर्याप्त व्यवस्था और सभी काउंटरों पर नियमित कार्य होने से लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

    जिले में लगातार हो रहे निबंधन से सरकार के राजस्व में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जमीन की मांग इसी तरह बनी रही तो आने वाले महीनों में भी राजस्व संग्रह का आंकड़ा बेहतर रहेगा।

    जिला अवर निबंधक रिंकी कुमारी ने बताया कि प्रतिदिन औसतन 100 से 110 डीड का निबंधन किया जा रहा है। सभी कर्मियों को बेहतर और समयबद्ध तरीके से कार्य करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि कार्यालय में सभी व्यवस्थाएं सुचारु हैं और प्रतिदिन निबंधन का कार्य नियमित रूप से संपन्न हो रहा है।