औरंगाबाद: 46 लाख में हुई बस-टेंपो स्टैंड की बंदोबस्ती, मालवाहक वाहनों को टैक्स से मिली राहत
औरंगाबाद नगर परिषद ने बस और टेंपो स्टैंड से टैक्स वसूली के लिए 8 महीने की बंदोबस्ती से 46 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त किया है। ...और पढ़ें

औरंगाबाद नगर परिषद को सैरात बंदोबस्ती से मिला 46 लाख का राजस्व
HighLights
नगर परिषद को 46 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा।
बंदोबस्ती 8 माह के लिए अजीत सिंह को सौंपी गई।
मालवाहक वाहनों से टैक्स नहीं, यात्री वाहनों से वसूली।
जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। नगर परिषद औरंगाबाद के द्वारा शहर के बस एवं टेंपो स्टैंड से टैक्स वसूली के लिए सैरात की बंदोबस्ती की गई है। यह बंदोबस्ती आठ माह की अवधि के लिए की गई है, जिससे नगर परिषद को 46 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होगा यानी की मार्च 2027 तक वसूली की जाएगी।
यह कार्य जसोइया निवासी अजीत सिंह के नाम किया गया है। निर्धारित अवधि के दौरान वही एजेंसी नगर परिषद की ओर से अधिकृत होकर टैक्स वसूली का कार्य करेगी।
नप के कार्यपालक पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि बंदोबस्ती की सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। तय नियमों के अनुसार संबंधित एजेंसी को टैक्स वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बंदोबस्ती की अवधि समाप्त होने के बाद नई प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इस बार स्पष्ट रूप से यह तय किया गया है कि मालवाहक वाहनों से किसी प्रकार का टैक्स नहीं लिया जाएगा। केवल बस स्टैंड एवं टेंपो स्टैंड से परिचालन करने वाले यात्री वाहनों से ही निर्धारित दर के अनुसार शुल्क की वसूली होगी। इससे मालवाहक वाहन चालकों को राहत मिलेगी, वहीं यात्री वाहनों से नियमित राजस्व प्राप्त होगा।
कार्यपालक ने बताया कि सैरात की बंदोबस्ती से राजस्व संग्रह की व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होगी। इससे नगर परिषद की आय में वृद्धि होगी, जिसका उपयोग शहर में सड़क, सफाई, प्रकाश व्यवस्था, जलापूर्ति तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के विकास पर किया जाएगा।
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अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि निर्धारित अवधि में एजेंसी सभी नियमों का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से टैक्स वसूली करेगी।
नगर परिषद प्रशासन ने संबंधित एजेंसी को निर्देश दिया है कि टैक्स वसूली के दौरान यात्रियों और वाहन चालकों के साथ किसी प्रकार की अभद्रता नहीं होनी चाहिए। निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने या अनियमितता की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर के बस एवं टेंपो स्टैंड से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री वाहनों का परिचालन होता है। इस बार 46 लाख रुपये में हुई बंदोबस्ती को नगर परिषद के लिए बेहतर राजस्व सौदा माना जा रहा है।
नगर परिषद के अधिकारियों ने वाहन संचालकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत कर्मियों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करें और शुल्क देने के बाद रसीद अवश्य प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति बिना प्राधिकरण के टैक्स की वसूली करता है या निर्धारित दर से अधिक राशि मांगता है, तो इसकी सूचना नगर परिषद कार्यालय को दें।