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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

औरंगाबाद-पटना को जोड़ने वाली सड़क होगी फोरलेन, डीएम ने पथ निर्माण विभाग को लिखा पत्र

Published: Mon, 09 Jun 2025 07:29 PM (IST)

औरंगाबाद-पटना पथ पर लगातार दुर्घटनाओं के कारण जिलाधिकारी ने पथ निर्माण विभाग से एनएच-139 को चार लेन करने का आग्रह ...और पढ़ें

औरंगाबाद-पटना को जोड़ने वाली सड़क होगी फोरलेन, डीएम ने पथ निर्माण विभाग को लिखा पत्र
औरंगाबाद-पटना को जोड़ने वाली सड़क होगी फोरलेन, डीएम ने पथ निर्माण विभाग को लिखा पत्र

HighLights

  1. औरंगाबाद-पटना पथ पर लगातार हो रही दुर्घटनाएं
  2. एनएच-139 को चार लेन करने का आग्रह
  3. 44 जानलेवा दुर्घटनाएं पिछले छह महीनों में

जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। औरंगाबाद-पटना पथ (Aurangabad Patna Road) पर लगातार दुर्घटना हो रही है। प्रतिदिन यात्री मर रहे हैं। घायल हो रहे हैं। डीएम श्रीकांत शास्त्री ने पथ के चौड़ीकरण के लिए अपर मुख्य सचिव पथ निर्माण विभाग बिहार को पत्र प्रेषित कर औरंगाबाद-पटना एनच-139 मार्ग के संपूर्ण खंड के चार लेनिंग हेतु अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।

जनहित में राजमार्ग को सुरक्षित सुलभ एवं सुगम बनाने का आग्रह किया है। डीएम ने अपने पत्र में लिखा है कि पटना-औरंगाबाद-हरिहरगंज एनएच-139 पथ जो झारखंड के पलामू से प्रारंभ होकर औरंगाबाद, अरवल होते हुए पटना तक जाता है, अत्यंत महत्वपूर्ण एवं व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग है।

यह मार्ग न केवल झारखंड और बिहार को आपस में जोड़ता है बल्कि औद्योगिक, खनिज, वाणिज्यिक तथा आवागमन की दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। पलामू से औरंगाबाद के कुटुंबा के पोला तक फोर लेनिंग का कार्य अंतिम चरण में है। हालांकि, शेष भाग जो औरंगाबाद, अरवल जिलों से गुजरता है अभी दो लेन है।

उल्लेखनीय है कि झारखंड से आने वाले स्टोन चिप्स एवं सोन नदी से निकलने वाली बालू के परिवहन के कारण इस मार्ग पर भारी ट्रकों एवं वाणिज्यिक वाहनों की आवाजाही निरंतर बनी रहती है, जिससे ओबरा, दाउदनगर, अरवल जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती है।

राजमार्ग की चौड़ाई वर्तमान में लगभग सात मीटर है जो ट्रैफिक के वर्तमान दबाव को देखते हुए अपर्याप्त है। कार्यपालक अभियंता राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल औरंगाबाद द्वारा तैयार की जा रही डीपीआर के अनुसार, वर्ष 2024 में किए गए ट्रैफिक सर्वे में इस पथ पर प्रतिदिन 18,077 पीसीयू दर्ज किया गया है, जबकि भारत सरकार परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय के 26 मई 2016 के परिपत्र के अनुसार किसी भी मार्ग के चार लेन अपग्रेडेशन हेतु 15,000 पीसीयू को न्यूनतम सीमा माना गया है।

इसके साथ ही एनएच-139 से संबंधित पिछले छह माह के दुर्घटना आंकड़ों में अरवल एवं औरंगाबाद जिलों में कुल 44 जानलेवा दुर्घटनाएं और 27 गंभीर रूप से घायल मामले दर्ज किए गए हैं, जो इस पथ की सुरक्षा स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।

वर्तमान में डीपीआर में सिर्फ नौबतपुर बाजार के चौड़ीकरण, अरवल, दाउदनगर एवं औरंगाबाद बाइपास के लिए ही फोरलेन मार्ग रेखन को भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है। ट्रैफिक डाटा एवं दुर्घटना के आंकड़ों के आलोक में संपूर्ण एनएच-139 पथ को दो लेन से चार लेन में उन्नत करना अत्यावश्यक प्रतीत होता है।