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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Jamin Survey: भूमि सर्वे को लेकर सामने आई नई जानकारी, ध्यान से पढ़ लें जमीन मालिक; अब अधिकारी करेंगे यह भी काम

    Updated: Sat, 01 Mar 2025 05:01 PM (GMT+05:30)

    अधिकारी अब उन रैयतों के खेतों में जाएंगे जिन्होंने अपने जमीन के कागजात प्रखंड बंदोबस्त कार्यालय में जमा कर दिए हैं। वे निजी और सरकारी जमीन का सर्वे कर ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. निजी व सरकारी जमीन का करेंगे सर्वे, खतियान से होगा मिलान
    2. रैयतों को जमीन के कागजात जमा करने को बढ़ा समय

    जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। जमीन का सर्वे जारी है। अबतक जिन किसानों के द्वारा जमीन का पूरा कागजात प्रखंड बंदोबस्त कार्यालय में जमा किया गया है उन रैयतों के खेतों में अधिकारी जाएंगे।

    उनकी जमीन का दखल कब्जा की जानकारी लेंगे। निजी और सरकारी जमीन का सर्वे करेंगे। अंचलों के खतियान से जमीन का मिलान करेंगे।

    चल रहा है जमीन सर्वे का काम

    जिला बंदोबस्त पदाधिकारी शैलेश कुमार दास ने बताया कि जमीन सर्वे कार्य रोका नहीं गया है। कार्य चल रहा है। कहा कि फरवरी तक रैयतों को अपने जमीन के कागजात ऑफलाइन और ऑनलाइन जमा करने का समय निर्धारित किया गया था। अब यह समय बढ़ा दी गई है।

    उन्होंने कहा कि जो रैयत या किसान अपनी जमीन का कागजात प्रखंड बंदोबस्त कार्यालय में जमा नहीं किए हैं या ऑनलाइन नहीं किए हैं वे शीघ्र कर लें। नहीं करने पर उन्हें आगे चलकर परेशानी होगी।

    रैयतों की जमीन का किया जा रहा है मिलान

    • जिला बंदोबस्त पदाधिकारी ने बताया कि अंचलों में खतियान उपलब्ध है। कुछ मौजों का नहीं मिल रहा है तो राजस्व कर्मचारी से प्राप्त कर खतियान से रैयतों की जमीन का मिलान किया जा रहा है।
    • उन्होंने बताया कि अबतक जिन रैयतों के द्वारा अपनी जमीन से संबंधित कोई कागजात नहीं दी गई है उन्हेंं परेशानी होगी।

    कागजात सही नहीं हुआ तो जमीन दखल करेगी सरकार 

    अब जमीन सरकारी या बकास्त होगी और रैयतों के पास कोई कागजात नहीं होगा तो उन्हें बेदखल होना पड़ेगा। अगर रैयतों के पास गैर मजरूआ, गैर मजरूआ मालिक और बकास्त जमीन का कागजात होगा तो उसे देखा जाएगा।

    कागजात सही नहीं पाए जाने पर उस जमीन को सरकार अधिग्रहण करेगी। बताया कि जमीन का सर्वे से जमीन को लेकर होने वाली विवाद और आपराधिक घटनाएं रूकेगी। रैयतों के जमीन का पूरा कागजात अद्यतन हो जाएगा।

    भूमि सर्वेक्षण संबंधित जानकारी के लिए किसान मेले में उमड़ी रही भीड़

    दैनिक जागरण के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कृषि मेला सह यशस्वी किसान सम्मान समारोह में राजस्व विभाग के स्टाल पर भूमि सर्वेक्षण और आनलाइन सेवाओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई गई।

    दोनों दिन भूमि सर्वेक्षण से संबंधित जानकारी लेने के लिए स्टॉल पर किसानों की काफी भीड़ उमड़ी रही। जहां किसानों को सर्वेक्षण की जानकारी के लिए पंपलेट और बुकलेट उपलब्ध कराया गया।

    इस दौरान बंदोबस्त कार्यालय के पदाधिकारी नारायण बैठा ने बताया कि वर्तमान में बिहार सरकार का राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग राज्य में विशेष भूमि सर्वेक्षण कार्यक्रम चला रहा है, जिसका उद्देश्य भूमि रिकार्ड को अद्यतन और पारदर्शी बनाना है।

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    स्टॉल के माध्यम से किसानों को भूमि सर्वेक्षण से संबंधित स्वघोषणा फार्म जमा करने की आनलाइन और आफ़लाइन दोनों माध्यमों की जानकारी दी गई है।

    इसके साथ ही वंशावली और उपलब्ध दस्तावेज़ जैसे खतियान और केवाला, साथ ही वंशावली विवरण आनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया भी बताई गई।

    बताया गया कि इन कार्यों के लिए उद्घोषणा की तिथि से 180 कार्य दिवसों के भीतर या किश्तवार कार्य समाप्ति से पहले पूरी की जानी है।

    उन्होंने बताया कि स्टॉल पर ऑनलाइन उपलब्ध सेवाओं यथा भू-अभिलेख पोर्टल के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड, भू-नक्शा देखने के साथ दाखिल खारिज, परिमार्जन प्लस, राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली समेत ऑनलाइन भू-लगान, भूमि संपरिवर्तन, ई-मापी आदि सेवा को ऑनलाइन मोड में लेने को रैयतों को जागरूक किया गया है।

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