223.48 करोड़ का बजट, 15वें वित्त आयोग के 20 करोड़ शेष; दाउदनगर में विकास का पूरा गणित
दाउदनगर नगर परिषद ने 223.48 करोड़ का वार्षिक बजट सर्वसम्मति से पारित किया। मुख्य पार्षद अंजली कुमारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में सांसद राजाराम सिंह ...और पढ़ें

बैठक में अपनी बात रखते पार्षद। जागरण
HighLights
नगर परिषद ने ₹223.48 करोड़ का बजट सर्वसम्मति से पारित किया।
सांसद राजाराम सिंह ने बजट को दूरदर्शी बनाने का सुझाव दिया।
नगर भवन, धोबी घाट और उद्योग विस्तार जैसी योजनाएं प्रस्तावित।
संवाद सहयोगी, दाउदनगर (औरंगाबाद)। नगर परिषद की शनिवार को हुई बैठक में वित्तीय वर्ष के लिए 223 करोड़ 48 लाख 73 हजार 496 रुपये का बजट प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।
बजट सत्र की अध्यक्षता मुख्य पार्षद अंजली कुमारी ने की। खास बात यह रही कि नगर परिषद की बैठक में पहली बार सांसद राजाराम सिंह भी उपस्थित रहे।
20 करोड़ रुपये से अधिक राशि है अभी शेष
विपक्ष की ओर से वार्ड पार्षद बसंत कुमार ने बजट की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रस्ताव में यह स्पष्ट होना चाहिए कि बजट नियमों के अनुरूप तैयार किया गया है या नहीं। साथ ही मदवार राशि और पिछले बजट के मुकाबले खर्च का विवरण भी दिया जाना चाहिए।
इस पर मुख्य पार्षद अंजली कुमारी ने जवाब दिया कि नगर परिषद के सभी कार्य नियमानुसार किए जाते हैं और कुछ योजनाएं आंतरिक स्रोतों से भी संचालित होती हैं।
कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि 15वीं और छठी वित्त आयोग की मद से लगभग ₹20 करोड़ की राशि शेष है, जबकि आंतरिक स्रोत से करीब 25 लाख उपलब्ध हैं, जिनसे विभिन्न योजनाओं का कार्यान्वयन किया जा रहा है। कुछ योजनाएं फिलहाल लंबित भी हैं।
सांसद का सुझाव: 'बजट विजनरी हो, हवा-हवाई नहीं'
बजट सत्र को संबोधित करते हुए सांसद राजाराम सिंह ने कहा कि बजट वास्तविकता से थोड़ा अधिक और विजनरी होना चाहिए, ताकि हर साल विकास का स्पष्ट रोडमैप दिखे।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे बजट प्रस्तावों का अध्ययन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सदन से लेकर मंत्रालय तक मुद्दे उठाएंगे।
सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि उनकी अनुशंसित योजनाओं को शामिल किया जाए और विकास कार्यों के शिलापट्ट पर संबंधित वार्ड पार्षद का नाम भी अंकित हो।
नगर भवन, धोबी घाट और उद्योग पर जोर
सांसद ने शहर में नगर भवन और धोबी घाट निर्माण की आवश्यकता बताई। साथ ही ओबरा में कालीन उद्योग को बड़ा हब बताते हुए कहा कि इसके विस्तार के लिए टेक्सटाइल मंत्रालय से बातचीत चल रही है।
उन्होंने सिंचाई विभाग की भूमि के हस्तांतरण पर बड़ी विकास योजनाओं की संभावना जताई और दाउदनगर को जिला बनाए जाने के प्रस्ताव का समर्थन किया।
स्लॉटर हाउस पर गरमाई बहस
बैठक में वार्ड पार्षद रूबी देवी ने दाउदनगर में संचालित स्लॉटर हाउस बंद करने की मांग उठाई, जिस पर सशक्त स्थायी समिति की सदस्य परवीन कौसर ने आपत्ति जताई।
रूबी देवी ने कहा कि गौ-रक्षा के मद्देनज़र ऐसे संचालन को जारी नहीं रखा जाना चाहिए। इस मुद्दे पर सांसद, मुख्य पार्षद और कार्यपालक पदाधिकारी ने कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी।
कुल मिलाकर, नगर परिषद का यह बजट सत्र विकास, पारदर्शिता और विजन को लेकर अहम संकेत देता है, वहीं कुछ मुद्दों पर बहस और अपेक्षाएं भी सामने आईं।