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    वंदे भारत की चपेट में आने से वृद्ध की मौत, ट्रैक किनारे मिला शव; 72 घंटे तक पहचान का इंतजार करेगी पुलिस

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 05:13 PM (IST)

    औरंगाबाद के बारुण थाना क्षेत्र में वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से करीब 60 वर्षीय अज्ञात वृद्ध की मौत हो गई। पुलिस शव की पहचान के लिए 72 घंटे त ...और पढ़ें

    वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से वृद्ध की मौत

    वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से वृद्ध की मौत

    HighLights

    1. वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से वृद्ध की मौत।

    2. औरंगाबाद के सोननगर रेलवे स्टेशन के पास हुआ हादसा।

    3. पुलिस 72 घंटे तक शव की पहचान का इंतजार करेगी।

    जागरण संवाददाता, औरंगाबाद। बारुण थाना क्षेत्र में सोमवार को वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से करीब 60 वर्षीय अज्ञात वृद्ध की मौत हो गई। हादसा सोननगर रेलवे स्टेशन के समीप पोल संख्या 550/13 और 550/14 के बीच रेलवे ट्रैक पर हुआ।

    सूचना मिलते ही बारुण पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है।

    रेलवे ट्रैक किनारे पैदल जा रहा था वृद्ध, ट्रेन की चपेट में आया

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रेलवे ट्रैक पर काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि वृद्ध रेलवे लाइन के किनारे पैदल चल रहा था।

    इसी दौरान डेहरी से गया की ओर जा रही तेज रफ्तार वंदे भारत एक्सप्रेस वहां से गुजरी और वृद्ध उसकी चपेट में आ गया।

    टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आसपास के इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई।

    सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

    घटना की जानकारी मिलते ही बारुण थाना पुलिस और जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की।

    थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। उसकी उम्र करीब 60 वर्ष प्रतीत हो रही है। पुलिस मृतक की पहचान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

    थानों और सोशल मीडिया के जरिए तलाशे जा रहे स्वजन

    मृतक की तस्वीर आसपास के थानों और स्थानीय लोगों के बीच साझा की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया समेत अन्य माध्यमों का भी सहारा ले रही है, ताकि मृतक की पहचान हो सके और उसके स्वजन तक घटना की सूचना पहुंचाई जा सके।

    पुलिस आसपास के इलाकों में भी जानकारी जुटा रही है। फिलहाल शव की पहचान पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।

    72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा शव

    थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को पहचान के लिए 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा। इस दौरान यदि मृतक के स्वजन की पहचान हो जाती है तो आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया जाएगा।

    निर्धारित अवधि तक किसी के द्वारा दावा नहीं किए जाने पर सरकारी प्रावधानों के तहत शव का अंतिम संस्कार कराया जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

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