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इंद्रपुरी बराज के सभी 69 गेट खुले: सोन में उफान, 4.84 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से बिहार के 6 जिलों में अलर्ट

Published: Fri, 04 Sep 2026 05:39 PM (IST)

इंद्रपुरी बराज के सभी 69 गेट खुलने से सोन नदी में 4.84 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे दक्षिण बिहार ...और पढ़ें

बराज के सभी 69 गेट पूरी तरह खोल दिए गए

बराज के सभी 69 गेट पूरी तरह खोल दिए गए

HighLights

  1. इंद्रपुरी बराज के सभी 69 गेट खोले गए।

  2. सोन नदी में 4.84 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

  3. औरंगाबाद, रोहतास सहित 6 जिलों में अलर्ट जारी।

संवादसूत्र, बारुण (औरंगाबाद)। दक्षिण बिहार में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। सोन नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में जारी मूसलाधार बारिश के चलते इंद्रपुरी बराज पर पानी का दबाव चरम पर पहुँच गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार दोपहर 12 बजे बराज के सभी 69 गेट पूरी तरह खोल दिए गए।

बराज के अपस्ट्रीम (U/S) में जलस्तर 355.00 फीट दर्ज हुआ, जहाँ से 4,84,442 क्यूसेक पानी सीधे सोन नदी में डिस्चार्ज किया जा रहा है, जबकि डाउनस्ट्रीम (D/S) में बहाव 4,79,017 क्यूसेक बना हुआ है। पानी की यह भारी निकासी सोन के निचले मैदानी इलाकों में बड़े खतरे का संकेत है।

किसे होगा सीधा नुकसान? 

निचले तटीय इलाके व गाँव:

  • औरंगाबाद व रोहतास: बारुण, दाउदनगर, नौहट्टा, डेहरी, नासरीगंज और तिलौथू के तटवर्ती गाँवों में पानी घुसने और तीव्र कटाव की आशंका बढ़ गई है।
  • अरवल, भोजपुर, बक्सर व पटना (मनेर): यह 4.84 लाख क्यूसेक पानी आगे जाकर अरवल और कोईलवर होते हुए मनेर (पटना) के पास गंगा में मिलेगा। इससे गंगा के जलस्तर में भी अचानक उछाल आएगा और तटवर्ती निचले इलाके जलमग्न हो जाएँगे।
  • किसान व खेती-किसानी: दियारा (नदी के पेटे) क्षेत्र में बोई गई सैकड़ों एकड़ धान, हरी मिर्च और सब्जियों की फसलें पूरी तरह डूबकर नष्ट हो सकती हैं।
  • पशुपालक व आमजन: सोन के टापुओं और दियारा में पशु चराने गए ग्रामीण व मवेशी अचानक आए बहाव में फँस सकते हैं।

 किसे मिलेगा फायदा?

  • सिंचाई तंत्र को संजीवनी: सोन नहर प्रणाली (WLC एवं WPLC) के माध्यम से मध्य और दक्षिण बिहार की नहरों में पानी का प्रवाह सुचारू रहेगा, जिससे दूर-दराज के खरीफ फसलों (धान) को भरपूर पानी मिलेगा।
  • भूजल रिचार्ज (Groundwater): सोन नदी और उसकी सहायक शाखाओं के उफान से आसपास के भीषण जलसंकट वाले ग्रामीण क्षेत्रों का भूजल स्तर तेज़ी से सुधरेगा।
  • बराज की सुरक्षा: समय रहते सभी फाटकों को खोलने से इंद्रपुरी बराज के मुख्य ढाँचे पर से जल दबाव सुरक्षित रूप से कम हो गया है।

बराज का मौजूदा वाटर स्टेटस (आँकड़ों में)

  • कुल गेट खोले गए: 69 (100% डिस्चार्ज)
  • अपस्ट्रीम जलस्तर: 355.00 फीट
  • अपस्ट्रीम डिस्चार्ज: 4,84,442 क्यूसेक
  • वेस्टर्न लिंक कनाल (WLC): 4,512 क्यूसेक
  • वेस्टर्न पैरेलल कनाल (WPLC): 913 क्यूसेक
  • ईस्टर्न लिंक कनाल (ELC): 0 क्यूसेक (बंद)

प्रशासनिक अलर्ट व सावधानी एडवाइजरी

जल संसाधन विभाग और संबंधित ज़िला प्रशासन ने 24 घंटे की हाई अलर्ट मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों को तुरंत ऊँचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। सोन नदी के तटबंधों, दियारा इलाकों और पानी के तेज़ बहाव के पास जाने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है।