मशरूम की खेती कैसे करें? कम लागत में अच्छा उत्पादन, आधुनिक तरीके से बढ़ाएं अपनी Income
Mushroom Cultivation: रफीगंज, औरंगाबाद में किसान गोष्ठी आयोजित हुई, जहां किसानों को आधुनिक खेती और आय बढ़ाने के तरीके बताए ...और पढ़ें

मशरूम की खेती को कम लागत में अधिक मुनाफा
HighLights
मशरूम की खेती से किसानों की आय बढ़ेगी।
कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली खेती।
कृषि विभाग द्वारा प्रशिक्षण और अनुदान उपलब्ध।
संवाद सूत्र, रफीगंज (औरंगाबाद)। प्रखंड मुख्यालय स्थित ई-किसान भवन में सोमवार को किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार अश्विनी, प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी अरुण कुमार सिंह और प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमृता कुमारी मौर्य ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन प्रखंड तकनीकी प्रबंधक प्रेम रंजन ने किया। गोष्ठी में किसानों को आधुनिक खेती और आय बढ़ाने के नए तरीकों की जानकारी दी गई।
मशरूम की खेती से बढ़ सकती है किसानों की आय
बीडीओ कुमार अश्विनी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ वैकल्पिक खेती को अपनाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि मशरूम की खेती कम जगह और कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली खेती है।
अगर किसान वैज्ञानिक तरीके से मशरूम का उत्पादन करें तो कुछ ही दिनों में अच्छी कमाई शुरू हो सकती है।
मशरूम की खेती करने का तरीका क्या है
कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि मशरूम की खेती के लिए साफ-सुथरी जगह और नियंत्रित तापमान जरूरी होता है। इसके लिए धान या गेहूं के पुआल को पहले पानी में भिगोकर उपचारित किया जाता है।
इसके बाद पुआल को पॉलीबैग में भरकर उसमें मशरूम का बीज (स्पॉन) डाला जाता है। बैग को अंधेरी और ठंडी जगह पर रखा जाता है। करीब 20 से 25 दिनों में मशरूम उगना शुरू हो जाता है।
कितनी लगती है लागत और कैसे करें शुरुआत
विशेषज्ञों ने बताया कि मशरूम की खेती की शुरुआत कम लागत में की जा सकती है। छोटे स्तर पर किसान करीब 5 से 10 हजार रुपये में इसका उत्पादन शुरू कर सकते हैं।
इसके लिए पुआल, मशरूम बीज, पॉलीबैग और साधारण शेड की जरूरत होती है। कृषि विभाग द्वारा किसानों को प्रशिक्षण और कई योजनाओं के तहत अनुदान की सुविधा भी दी जा रही है।
बाजार में अच्छी कीमत से बढ़ती है आमदनी
मशरूम की मांग बाजार में लगातार बढ़ रही है और इसका दाम सामान्य सब्जियों से अधिक मिलता है। अगर किसान नियमित रूप से उत्पादन करें तो हर महीने अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकते हैं।
कम जगह में अधिक उत्पादन होने के कारण यह खेती किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर विकल्प बन रही है।
किसानों को योजनाओं और तकनीक की जानकारी
प्रखंड कृषि पदाधिकारी अमृता कुमारी मौर्य ने किसानों को कृषि विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने उन्नत बीज, फसल सुरक्षा, आधुनिक खेती की तकनीकों और सरकारी अनुदान योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
इस अवसर पर कृषि सलाहकार मनोज कुमार, भूदेव सिंह, राकेश प्रजापति, मनिंद्र कुमार और प्रेम कुमार सहित कई किसान मौजूद रहे।
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