Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    औरंगाबाद: भारतमाला और बियाडा की अधिग्रहित भूमि पर खेती न करें किसान, सीओ ने दी चेतावनी

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 11:43 PM (IST)

    प्रशासन ने भारतमाला परियोजना और बियाडा की अधिग्रहित भूमि पर खरीफ फसल की बुआई न करने का निर्देश दिया है। ...और पढ़ें

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    एआई द्वारा जेनरेट इमेज।

    HighLights

    1. अधिग्रहित भूमि पर खरीफ फसल की बुआई पर रोक।

    2. भारतमाला, बियाडा परियोजनाओं के लिए भूमि का अधिग्रहण।

    3. नियम उल्लंघन पर कोई मुआवजा नहीं, होगी कानूनी कार्रवाई।

    संवाद सूत्र, अंबा (औरंगाबाद)। भारतमाला परियोजना एवं बियाडा की अधिग्रहित भूमि पर खरीफ फसल की बुआई नहीं करने का निर्देश प्रशासन ने जारी किया है।

    अंचलाधिकारी (सीओ) चंद्रप्रकाश ने कहा कि जिन भूखंडों का विधिवत अधिग्रहण हो चुका है, उन पर किसी भी प्रकार की खेती करना कानूनन अपराध है।

    उन्होंने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है ताकि भारतमाला परियोजना एवं बियाडा से जुड़े विकास कार्य समय पर पूरे हो सकें।

    रैयतों की होगी जिम्मेदारी

    सीओ ने स्पष्ट किया कि यदि कोई रैयत या किसान अधिग्रहित भूमि पर धान अथवा अन्य फसल की बुआई करता है और परियोजना के निर्माण कार्य के दौरान प्रशासन या संबंधित एजेंसी द्वारा फसल हटाई या नष्ट की जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित रैयत की होगी।

    ऐसे मामलों में किसी प्रकार के मुआवजे या क्षतिपूर्ति का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। सीओ ने सभी रैयतों से अपील की कि वे अधिग्रहित भूमि पर खेती करने से बचें और सरकार की विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करें।

    उन्होंने चेतावनी दी कि अधिग्रहित भूमि पर अतिक्रमण या खेती की सूचना मिलने पर नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इसलिए सभी संबंधित लोगों के लिए सरकारी निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।

    यह भी पढ़ें- चतरा में रैयती जमीन पर वन विभाग का कब्जा, 16.07 एकड़ भूमि को लेकर ग्रामीणों ने मुक्त कराने की मांग की