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    29,900 करोड़ की परियोजना को मिली रफ्तार; नबीनगर NTPC में 800 मेगावाट यूनिट की बड़ी उपलब्धि

    Updated: Wed, 11 Feb 2026 07:51 PM (IST)

    नबीनगर एनटीपीसी स्टेज-II विस्तार परियोजना में यूनिट-4 बॉयलर के पहले कॉलम की स्थापना सफलतापूर्वक हुई। क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक विजय गोयल ने सीईओ एल.क ...और पढ़ें

    नबीनगगर स्‍थ‍ित‍ एनटीपीसी। जागरण

    नबीनगगर स्‍थ‍ित‍ एनटीपीसी। जागरण

    HighLights

    1. यूनिट-4 बॉयलर का पहला कॉलम सफलतापूर्वक स्थापित।

    2. परियोजना की लागत 29,900 करोड़ रुपये, 800 मेगावाट की तीन इकाइयां।

    3. अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक से न्यूनतम जल खपत, उच्च दक्षता।

    संवाद सूत्र, नबीनगर (औरंगाबाद)। नबीनगर एनटीपीसी बिजली परियोजना के स्टेज-II विस्तार कार्य के तहत बुधवार को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया गया।

    यूनिट-4 बायलर के प्रथम कॉलम की स्थापना सफलतापूर्वक पूरी की गई। इस अवसर पर क्षेत्रीय कार्यकारी निदेशक (पूर्वी क्षेत्र-1) विजय गोयल ने परियोजना के सीईओ एल.के. बेहरा के साथ स्टेज-II निर्माण क्षेत्र का निरीक्षण किया।

    निरीक्षण के दौरान निर्माण विभाग, एलएंडटी तथा संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई।

    निर्धारित समय-सीमा के भीतर इस अहम चरण को पूरा करने पर विजय गोयल ने सभी विभागों की सराहना की और परियोजना को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

    गौरतलब है कि एनटीपीसी नबीनगर स्टेज-II विस्तार परियोजना का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2025 को वर्चुअल माध्यम से किया था। इसके बाद से निर्माण कार्य तीव्र गति और उच्च तकनीकी दक्षता के साथ आगे बढ़ रहा है।

    1980 मेगावाट बिजली का वर्तमान में हो रहा उत्पादन

    करीब 29,900 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही यह परियोजना राज्य की ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    वर्तमान में नबीनगर एनटीपीसी में 1980 मेगावाट की स्थापित क्षमता है, जो 660-660 मेगावाट की तीन क्रियाशील इकाइयों के माध्यम से संचालित हो रही है। स्टेज-II विस्तार के तहत 800 मेगावाट की तीन नई इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है।

    ये इकाइयां अल्ट्रा सुपरक्रिटिकल तकनीक और एयर-कूल्ड कंडेंसर प्रणाली से लैस होंगी, जिससे जल की खपत न्यूनतम होगी और ऊर्जा उत्पादन की दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।

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    यूनिट-4 बायलर के प्रथम कॉलम स्थापना समारोह में महाप्रबंधक राकेश शर्मा, अनिल कुमार, एम. पाणिग्रही सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं परियोजना से जुड़े पदाधिकारी उपस्थित रहे।