यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Pawan Singh: क्या पवन सिंह थामेंगे BSP का दामन? 'कुशवाहा लैंड' में इस बात को लेकर गरमाई राजनीति
काराकाट में पवन सिंह की एंट्री से मुकाबले को तीसरा आयाम मिल सकता है। लोगों में चर्चा इस बात की है कि पवन के जाति का मत प्रभावी भूमिका में है। काराकाट ...और पढ़ें

HighLights
- पवन सिंह के चुनाव लड़ने की घोषणा से काराकाट में गरमाई राजनीति
- किसके समीकरण पर पड़ेगा प्रभाव आकलन में उलझे मतदाता
- मगध क्षेत्र में खूब सुना जाता है भोजपुरी गीत संगीत
जागरण संवाददाता, दाउदनगर (औरंगाबाद)। Pawan Singh Karakat Lok Sabha Seat काराकाट लोकसभा क्षेत्र से भोजपुरी गायक पवन सिंह ने चुनाव लड़ने की घोषणा की है। किस दल से लड़ेंगे या निर्दलीय, यह स्पष्ट नहीं है। खबर आते ही काराकाट के मतदाताओं की जिज्ञासा यह जानने को बढ़ गई है कि वह किस दल से लड़ेंगे और उनके लड़ने से किस गठबंधन पर कितना असर पड़ेगा।
मतदाताओं में यह जानने की उत्कंठा जागृत हो गई है कि यहां के मतदाता किस हद तक प्रभावित होंगे। किस गठबंधन को पवन कितना नुकसान पहुंचाएंगे। कितना मत वे जुटा पाएंगे। महत्वपूर्ण है कि यहां राजग गठबंधन ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा को यह सीट दी है और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा घोषित प्रत्याशी हैं।
पवन की एंट्री से मची खलबली!
दूसरी तरफ, इंडी गठबंधन से भाकपा माले को या सीट मिली है। जिसके घोषित प्रत्याशी राजाराम सिंह हैं। दोनों निरंतर क्षेत्र में चुनाव प्रचार में लगे हैं। ऐसे में पवन की एंट्री से मुकाबले को तीसरा आयाम मिल सकता है। लोगों में चर्चा इस बात की है कि पवन के जाति का मत प्रभावी भूमिका में है।
क्या BSP की टिकट पर लड़ेंगे पवन सिंह?
काराकाट लोकसभा क्षेत्र में यह दूसरी बड़ी मतदाता संख्या वाला जाती है। चर्चा इस बात की है कि अगर पवन बसपा के टिकट पर आ जाते हैं तो पवन के साथ बसपा का आधार वोट जुड़ता है तो मुकाबले को तीसरा कोण दे सकते हैं। लोगों की नजर अब इस बात पर है कि वह किस दल से आते हैं।
खबरें और भी
महत्वपूर्ण है कि पवन भोजपुरी गायक हैं और उनके इंटरनेट मीडिया पर कोई गीत आते ही पांच मिलियन तक व्यूज पहुंच जाते हैं। उनके फॉलोअर्स भोजपुरी भाषी और मगध के क्षेत्र में हैं। मगही भाषी क्षेत्र में वे या भोजपुरी गीते सुने जाते हैं। ऐसे में पवन सिंह को कमतर आंकना दोनों गठबंधन के लिए बड़ी भूल हो सकती है।
बन जाएंगे पहले सेलिब्रिटी
वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद काराकाट लोकसभा क्षेत्र वजूद में आया। तब से लेकर अब तक तीन लोकसभा चुनाव वर्ष 2009, 2014 व 2019 में हो चुका है। यह चौथा चुनाव है। अभी तक जितने प्रत्याशी यहां से चुनाव मैदान में उतरे हैं उसमें सेलिब्रिटी नहीं है। अगर पवन सिंह वास्तव में चुनाव मैदान में आते हैं तो यह पहला अवसर होगा जब कोई कला क्षेत्र का सेलिब्रिटी चुनावी जंग में किस्मत आजमा रहा होगा।