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निगरानी जांच में फंसे 14 फर्जी शिक्षक होंगे बर्खास्त; बांका में नियोजन समितियों को एक पखवारे में कार्रवाई का निर्देश

Published: Thu, 20 Aug 2026 07:23 AM (IST)

बांका में निगरानी जांच में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर बहाल पाए गए 14 नियोजित शिक्षकों की सेवा समाप्त ...और पढ़ें

फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर कर रहे थे नौकरी; निगरानी ब्यूरो की FIR के बाद से स्कूल छोड़कर फरार हैं सभी शिक्षक

फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर कर रहे थे नौकरी; निगरानी ब्यूरो की FIR के बाद से स्कूल छोड़कर फरार हैं सभी शिक्षक

HighLights

  1. 14 नियोजित शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों पर बहाल पाए गए।

  2. निगरानी जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा, FIR दर्ज।

  3. नियोजन समितियों को 15 दिन में बर्खास्तगी का निर्देश।

जागरण संवाददाता, बांका। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) की जांच में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर बहाल पाए गए 14 नियोजित शिक्षकों की सेवा समाप्ति की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। शिक्षा विभाग ने इन सभी दागी शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त करने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर दी है। सभी के नियोजित शिक्षक होने के कारण नियमानुसार उनकी सेवा समाप्ति का अधिकार संबंधित प्रखंड एवं पंचायत शिक्षक नियोजन समितियों के पास है।

इसे लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO-स्थापना) संजय कुमार यादव ने संबंधित नियोजन समितियों के सदस्य सचिव सह प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और पंचायत सचिवों को कड़ा पत्र जारी किया है।

6 प्रखंडों के BDO और 3 पंचायत सचिवों को भेजा गया पत्र

डीपीओ स्थापना ने बीडीओ बांका, बौंसी, धोरैया, अमरपुर, कटोरिया और शंभुगंज के अलावा बाराहाट के भूरना, बेलहर के राजपुर तथा शंभुगंज के झखरा पंचायत के पंचायत सचिवों को पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि पटना उच्च न्यायालय के आदेश पर निगरानी ब्यूरो द्वारा की गई जांच में इन शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक (टीईटी/बीएड/डीएलएड) प्रमाण पत्र पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं। निगरानी द्वारा संबंधित थानों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराए जाने के बाद अब इन्हें सेवा से बर्खास्त किया जाना अनिवार्य है।

एक पखवारे के भीतर बर्खास्तगी प्रतिवेदन तलब

डीपीओ ने अपने पत्र में नाराजगी जताते हुए कहा कि पूर्व में भी इन फर्जी शिक्षकों की सेवा समाप्ति के लिए नियोजन इकाइयों को निर्देशित किया गया था, लेकिन अब तक नियोजन समितियों द्वारा बर्खास्तगी का अंतिम प्रतिवेदन जिला मुख्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया।

विभाग ने अब अंतिम अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि एक पक्ष (15 दिन) के भीतर नियोजन समिति की बैठक बुलाकर सभी 14 शिक्षकों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया पूरी की जाए और उसका पालन प्रतिवेदन जिला शिक्षा कार्यालय को सौंपा जाए।

वेतन बंद, प्राथमिकी के बाद से सभी शिक्षक फरार

गौरतलब है कि निगरानी ब्यूरो द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद से ही ये सभी फर्जी शिक्षक स्कूलों से गैरहाजिर और फरार चल रहे हैं। शिक्षा विभाग ने पूर्व में ही इनके वेतन भुगतान पर पूरी तरह रोक लगा दी है। वहीं, पुलिस और निगरानी की टीमें इन आरोपित फर्जी शिक्षकों की गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

इन 14 फर्जी शिक्षकों पर गिरेगी बर्खास्तगी की गाज

क्र.सं. शिक्षक का नाम पदस्थापित विद्यालय एवं प्रखंड
1. रीता देवी प्रोन्नत मध्य विद्यालय, लीलावरण (बांका)
2. गजेंद्र प्रसाद मंडल उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बभनगामा (बौसी)
3. निशा देवी प्रोन्नत मध्य विद्यालय, जगतपुर (धोरैया)
4. अजय कुमार भगत प्रोन्नत मध्य विद्यालय, कुल्हड़िया (अमरपुर)
5. महेश कुमार भगत प्रोन्नत मध्य विद्यालय, गोपालपुर (अमरपुर)
6. देवकीनंदन मिश्र मध्य विद्यालय, भदरिया (अमरपुर)
7. मीरा कुमारी प्रोन्नत मध्य विद्यालय, लक्ष्मीपुर (कटोरिया)
8. कुमारी पल्लवी प्राथमिक विद्यालय, जगतापुर (शंभुगंज)
9. कमला देवी प्राथमिक विद्यालय, भूरना (बाराहाट)
10. अनिता कुमारी प्राथमिक विद्यालय, आदर्श खुटहरी (बेलहर)
11. निरंजन कुमार प्राथमिक विद्यालय, मेहरपुर (शंभुगंज)