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    JEE Advanced में बांका के आर्यन का जलवा, 10वीं व 12वीं के टॉपर ने स्वाध्याय और लगन से पाई बड़ी सफलता

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 03:36 PM (IST)

    बांका के बौंसी निवासी आर्यन राज ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक जेईई एडवांस्ड में शानदार सफलता हासिल की है। उन्होंने 10वीं और 12वीं में स्कूल ...और पढ़ें

    JEE Advanced में बांका के आर्यन की उपलब्धि।

    JEE Advanced में बांका के आर्यन की उपलब्धि।

    संवाद सहयोगी, बौंसी (बांका)। बांका जिले के बौंसी शहरी क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड निवासी राजन राय के पुत्र आर्यन राज ने देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक जेईई एडवांस्ड (JEE Advanced) में शानदार सफलता हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

    शुरू से मेधावी छात्र रहे

    आर्यन राज बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल और काफी मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में भी स्कूल टॉपर बनकर मनवाया था।

    10वीं और 12वीं में किया टॉप

    आर्यन ने अद्वैत मिशन हाई स्कूल से 97 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं में स्कूल टॉप किया था, जिसमें उन्होंने गणित विषय में पूरे 100 में से 100 अंक हासिल किए थे। इसके बाद एसबीपी विद्या विहार से 92 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं में भी टॉप किया।

    कोटा से की कोचिंग

    अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद आर्यन ने राजस्थान के कोटा स्थित प्रसिद्ध एलन (ALLEN) करियर इंस्टीट्यूट में दाखिला लिया और वहाँ रहकर कड़ी मेहनत के साथ अपनी तैयारी शुरू की।

    स्वाध्याय और लगन बनी कुंजी

    अपनी इस शानदार सफलता का श्रेय देते हुए आर्यन ने बताया कि कोचिंग के मार्गदर्शन के साथ-साथ स्वाध्याय (Self Study) और लक्ष्य के प्रति निरंतर लगन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी।

    मोबाइल का किया सही उपयोग

    आज के दौर में जहां मोबाइल को पढ़ाई के लिए भटकाव माना जाता है, वहीं आर्यन ने मोबाइल का सकारात्मक और केवल पढ़ाई से जुड़ा उपयोग किया। ऑनलाइन टेस्ट, डाउट सॉल्विंग और जरूरी स्टडी मटेरियल के लिए ही उन्होंने डिजिटल माध्यम का सहारा लिया।

    शिक्षकों और परिवार का सहयोग

    आर्यन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता के अटूट विश्वास, परिवार के निरंतर प्रोत्साहन और गुरुजनों के सही मार्गदर्शन को दिया। संकट और तनाव के पलों में परिवार ने हमेशा उनका मनोबल बनाए रखा।

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    पुराने संगीत से मिटाया तनाव

    पढ़ाई के लंबे और थकाऊ घंटों के बीच तनाव दूर करने और मन को तरोताजा रखने के लिए आर्यन कभी-कभी पुराने क्लासिक संगीत को सुन लिया करते थे। संगीत उनके लिए एकाग्रता वापस पाने का एक बेहतरीन साधन साबित हुआ।

    मुख्य ध्यान हमेशा पढ़ाई पर

    आर्यन का पूरा ध्यान सिर्फ और सिर्फ अपने लक्ष्य और पढ़ाई पर केंद्रित रहता था। उन्होंने बताया कि पढ़ाई को बोझ मानने के बजाय यदि दैनिक दिनचर्या में नियमबद्ध होकर तैयारी की जाए, तो किसी भी बड़े मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

    क्षेत्र में खुशी का माहौल

    आर्यन राज की इस बड़ी सफलता से बौंसी और पूरे बांका जिले में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनकी इस उपलब्धि पर परिजनों, शिक्षकों, पड़ोसियों और स्थानीय गणमान्य लोगों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।