बिहार के चांदन नदी पर जर्जर पुल से गुजरते समय संभलें, अजगैबीनाथ धाम-बाबाधाम सड़क सावन में यात्रियों के लिए खतरा
बिहार के बांका में चांदन नदी पर 1970 के दशक में बना पुल जर्जर हालत में है, जिससे सावन में अजगैबीनाथ-बाबाधाम जाने वाले हजारों श्रद्धालुओं को खतरा है। स ...और पढ़ें

भारी वाहनों की आवाजाही से चांदन पुल झुकने लगा, प्रशासन को चेतावनी
HighLights
चांदन नदी पर 1970 का पुल जर्जर।
सावन में अजगैबीनाथ-बाबाधाम यात्रियों को खतरा।
स्थानीय लोग तत्काल मरम्मत की कर रहे मांग।
संवाद सहयोगी, चांदन। अजगैबीनाथ-बाबाधाम पक्की सड़क पर चांदन नदी के ऊपर स्थित पुल की हालत चिंताजनक हो गई है। वर्ष 1970 से 1973 के बीच निर्मित यह पुल जर्जर हो चुका है और सावन के मौसम में इसके जरिये गुजरने वाले यात्रियों और वाहनों के लिए खतरा पैदा कर सकता है।
पुल की स्थिति गंभीर
स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल के दक्षिणी छोर का निचला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। लोहे की छड़ें सीमेंट छोड़कर बाहर लटक रही हैं और कई स्थानों पर स्थिति और भी गंभीर है। भारी वाहनों के गुजरने पर पुल का निचला हिस्सा हिलने लगता है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है।
सावन में यात्रियों के लिए विशेष खतरा
यह पुल सावन माह में विशेष महत्व रखता है क्योंकि प्रतिदिन हजारों छोटी-बड़ी गाड़ियां इसी रास्ते से गुजरती हैं। इसके अलावा झारखंड सीमा से पहले यह अंतिम प्रमुख पड़ाव भी है, जहां रात में वाहनों का ठहराव होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जिला प्रशासन ने समय रहते इसका ध्यान नहीं दिया तो सावन से पहले पुल में दरार या टूट-फूट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसका सबसे अधिक असर सावन में आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों पर पड़ेगा।
पूर्व मरम्मत और देखरेख का अभाव
ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1992 की भीषण बाढ़ के दौरान पुल की एक बार मरम्मत कराई गई थी। इसके बाद अब तक इसकी समुचित देखरेख नहीं हो सकी है। यही कारण है कि पुल की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
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स्थानीय प्रशासन से मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और सड़क निर्माण विभाग से आग्रह किया है कि पुल की तत्काल मरम्मत की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई, तो यह पुल सावन के मौसम में बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
यातायात और सुरक्षा के उपाय
विशेषज्ञों का कहना है कि जर्जर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने की जरूरत है। अस्थायी बैरियर और चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए। इसके साथ ही पुल का पूर्ण निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू किया जाना चाहिए।
स्थानीय प्रशासन ने भी पुल की स्थिति की जानकारी ली है और जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया है। लोगों का कहना है कि सावन से पहले यह कार्य नहीं हुआ तो यह पुल श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों के लिए गंभीर खतरे का कारण बन सकता है।