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    प्राइवेट स्कूलों पर सख्ती, बांका में डीएम ने दी चेतावनी; फीस, किताब और ड्रेस खरीद पर दबाव नहीं बना सकेंगे स्कूल

    Updated: Fri, 17 Apr 2026 01:51 PM (IST)

    बांका में जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने निजी स्कूलों की मनमानी फीस वसूली, किताबों और पोशाक की खरीद पर दबाव बनाने के खिलाफ सख्त चेतावनी दी है। 200 से अधिक ...और पढ़ें

    बांका में प्राइवेट स्कूलों पर सख्ती, डीएम ने दी चेतावनी—फीस, किताब और ड्रेस खरीद पर दबाव नहीं बना सकेंगे स्कूल

    बांका में प्राइवेट स्कूलों पर सख्ती, डीएम ने दी चेतावनी—फीस, किताब और ड्रेस खरीद पर दबाव नहीं बना सकेंगे स्कूल

    HighLights

    1. जिलाधिकारी ने निजी स्कूलों को फीस वसूली पर चेताया।

    2. किताबों, पोशाक के लिए छात्रों पर दबाव नहीं बना सकेंगे।

    3. अवैध हॉस्टल संचालन पर भी प्रशासन की कड़ी नजर।

    जागरण संवाददाता, बांका। जिले में अब प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली और बच्चों को निर्धारित दुकानों से किताब व पोशाक खरीदने के दबाव पर रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। इसको लेकर जिलाधिकारी नवदीप शुक्ला ने गुरुवार को डायट सभागार में जिले के दो सौ से अधिक निजी स्कूल संचालकों के साथ बैठक की और सख्त निर्देश जारी किए।

    फीस और सामग्री खरीद पर रोक के निर्देश

    बैठक में डीएम ने स्पष्ट किया कि कोई भी स्कूल अभिभावकों से मनमानी फीस नहीं वसूल सकता है। साथ ही बच्चों को किसी विशेष दुकान या स्कूल द्वारा निर्धारित एजेंसी से किताब, कॉपी, यूनिफॉर्म या स्टेशनरी खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी एक भी शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा।

    नियमों के पालन पर जोर

    डीएम ने कहा कि सभी निजी विद्यालयों को शिक्षा विभाग द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन से कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखते हुए पारदर्शिता के साथ कार्य करें और किसी भी तरह की व्यावसायिक मनमानी से बचें। बैठक में उपस्थित सभी स्कूल संचालकों को निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया।

    शिक्षा अधिकार कानून और पोर्टल का अनुपालन

    बैठक के दौरान ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत निःशुल्क नामांकन, ई-संबंधन, अपार आईडी निर्माण और इको क्लब जैसी गतिविधियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्कूल वाहनों के परिचालन से जुड़े मानकों का पालन करने पर भी जोर दिया गया, ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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    अवैध हॉस्टल संचालन पर सख्त रुख

    जिला शिक्षा पदाधिकारी देवनारायण पंडित ने कहा कि विभाग केवल वर्ग एक से आठ तक के विद्यालय संचालन की अनुमति देता है, लेकिन कई स्कूलों द्वारा बिना अनुमति हॉस्टल संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे गंभीर अनियमितता बताते हुए कहा कि बिना मानक के चल रहे हॉस्टलों पर पहले भी घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    सुधारात्मक व्यवस्था लागू करने का निर्देश

    अधिकारियों ने स्कूल संचालकों से कहा कि वे अपने संस्थानों में सुधारात्मक व्यवस्था लागू करें और मानक के अनुसार ही हॉस्टल संचालन करें। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि नियमों की अनदेखी करने पर प्रशासनिक कार्रवाई तय है और किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

    बैठक में अधिकारियों की मौजूदगी

    इस बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समग्र शिक्षा राजकुमार राजू, संभाग प्रभारी मनोहर सिंह और डायट प्राचार्य अनुज वर्मा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने निजी विद्यालयों में पारदर्शिता और नियम पालन को आवश्यक बताया।

    छात्र संगठन ने भी जताया विरोध

    इधर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने भी निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की है। संगठन के नगर मंत्री राजन सिंह ने जिलाधिकारी को आवेदन देकर आरोप लगाया कि कई स्कूल फीस, री-एडमिशन और किताब-ड्रेस के नाम पर अभिभावकों का शोषण कर रहे हैं।

    आंदोलन की चेतावनी

    अभाविप ने कहा कि कई स्कूलों ने खुद ही किताब और यूनिफॉर्म की दुकानें तय कर रखी हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो छात्र सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

    निजी स्कूलों की मनमानी

    बांका में प्रशासन की इस पहल से निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगने की उम्मीद है। वहीं, अभिभावकों को राहत मिलने की संभावना बढ़ी है। अब देखना होगा कि इन निर्देशों का जमीन पर कितना प्रभाव पड़ता है और स्कूल प्रबंधन किस तरह से नियमों का पालन सुनिश्चित करता है।