जीविका दीदियों को 48 घंटे के अंदर मिलेगा लोन, बांका में नई बैंकिग व्यवस्था शुरू
बांका में जीविका दीदियों के लिए स्वरोजगार ऋण प्राप्त करना अब आसान हो गया है। नई बैंकिंग व्यवस्था के तहत उन्हें 48 घंटे के भीतर डिजिटल माध्यम से ऋण उपल ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर
HighLights
जीविका दीदियों को 48 घंटे में मिलेगा ऋण।
नई डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था बांका में शुरू।
स्वरोजगार विस्तार में महिलाओं को मिलेगी मदद।
संवाद सूत्र, बांका। जिले की जीविका दीदियों के लिए स्वरोजगार शुरू करने और मौजूदा रोजगार का विस्तार करने का रास्ता अब और आसान हो गया है।
जीविका निधि साख सहकारी संघ के माध्यम से महिलाओं को ऋण आवेदन के महज 48 घंटे के भीतर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए जिले के 13 कम्युनिटी लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
जीविका से जुड़ी इच्छुक महिलाओं से ऑनलाइन आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आवेदन, स्वीकृति, ऋण वितरण और राशि की वापसी तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से होगी, जिससे पारदर्शिता के साथ-साथ समय की भी बचत होगी। अब तक जिले में करीब 25 जीविका दीदियों को इस व्यवस्था के तहत ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है।
अब लोन लेने में होगी आसानी
जिले में वर्तमान में लगभग 26 हजार स्वयं सहायता समूह सक्रिय हैं, जिनसे करीब 3.50 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं कृषि, पशुपालन, लघु उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, दुकानदारी समेत विभिन्न प्रकार के आजीविका आधारित कार्यों में लगी हैं।
अब तक समूहों के माध्यम से मिलने वाली सीमित राशि के कारण कई महिलाओं को अपने व्यवसाय का विस्तार करने में कठिनाई होती थी। नई व्यवस्था लागू होने से उन्हें जरूरत के अनुसार समय पर ऋण उपलब्ध हो सकेगा।
जीविका के डीपीएम राकेश कुमार के अनुसार जिले के 13 सीएलएफ के माध्यम से करीब 70 हजार जीविका दीदियां इस नई बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुकी हैं। इससे दीदियों को बिना अनावश्यक विलंब के सुलभ ऋण मिलेगा और वे अपने रोजगार को आगे बढ़ाते हुए आर्थिक रूप से अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगी।