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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 19, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar News: जम्मू-कश्मीर में चाट-पकौड़ा बेचकर भरता था परिवार का पेट, आतंकियों ने गोली से भूनकर बेरहमी से ले ली जान

    Updated: Fri, 19 Apr 2024 03:58 PM (IST)

    Bihar News in Hindi जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों की गोलियों का शिकार बने राजा साह तीन दिन बाद भतीजी की शादी में शामिल होने बांका आने वाले थे ल ...और पढ़ें

    बांका के नवादा स्थित मृतक राजा के घर पर रोते विलखते स्वजन। (जागरण फोटो)
    बांका के नवादा स्थित मृतक राजा के घर पर रोते विलखते स्वजन। (जागरण फोटो)

    HighLights

    1. कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों ने बांका के युवक की गोली मारकर कर दी हत्या
    2. दस वर्षों से कश्मीर में परिवार संग रह रहा था राजा, वहीं हुआ अंतिम संस्कार
    3. शोक में डूबा परिवार, मां को मलाल- बेटे को अब कभी नहीं देख सकेगी

    संवाद सूत्र, रजौन (बांका)। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार की रात आतंकियों की गोलियों का शिकार बने राजा साह उर्फ राजेश साह (35) तीन दिन बाद ही अपने घर बांका आने वाले थे। यहां वे भतीजी की शादी में शामिल होते, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। मौत उन्हें अपने साथ ले गई। राजा बांका जिले के रजौन प्रखंड के नवादा बाजार के रहने वाले थे।

    घटना के बाद से गांव में कोहराम मचा हुआ है।  राजा की मां मीरा देवी (65) के आंसू थम नहीं रहे हैं। वह बार-बार एक ही बात कहती है, अब हमारा क्या होगा? परिवार का भरण-पोषण कैसे होगा? ना जमीन है और ना ही घर की अच्छी स्थिति। मां को मलाल है कि अब अपने पुत्र राजा को कभी नहीं देख सकेगी।

    घर पर रोजगार नहीं मिलने पर साढू ललटिया निवासी मंटू साह के कहने पर पिछले 10 वर्षों से राजा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में ठेले पर चाट-पकौड़ा बेचते थे। वहां वे पत्नी और तीन बच्चे अंकुश कुमार (नौ), विशु कुमार,(सात) एवं लक्की कुमार (पांच) के साथ रहते थे।

    उनकी पत्नी सुमन देवी ने रात में ही स्वजन को राजा को गोली लगने की सूचना दी थी। राजा के साढ़ू मंटू साह कश्मीर में ही रहते हैं।

    भतीजी की शादी में आने वाले थे राजा

    तीन भाइयों में राजा के बड़े भाई सूरज साह की मौत एक दशक पूर्व ही बीमारी से हो गई थी। 23 अप्रैल को भतीजी चंदा कुमारी की शादी तय है। इसमें शामिल होने के लिए राजा 20 अप्रैल को घर आने वाले थे।

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    मां मीरा देवी एवं भाई मिथुन साह ने बताया कि राजा छह माह पहले जमीन बंटवारे को लेकर घर आया हुआ था। अगर यहां रोजगार का साधन रहता तो उनका राजा आज जीवित होता।

    प्रशासन ने दिया हर संभव मदद का भरोसा

    घटना के बाद प्रशासन की ओर से सीओ कुमारी सुषमा और नवादा थानाध्यक्ष पंकज किशोर पुलिस बल के साथ मृतक के घर पहुंचे और प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद करने का भरोसा दिया।

    अनंतनाग में ही किया गया अंतिम संस्कार

    बांका के डीएम अंशुल कुमार ने कहा कि गुरुवार की शाम राजा के शव का अंतिम संस्कार अनंतनाग में ही कश्मीर प्रशासन के संरक्षण में किया गया।

    जम्मू-कश्मीर सरकार ने दिया 1.30 लाख का मुआवजा

    मृतक की पत्नी को जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा लगभग 1.30 लाख का मुआवजा दिया गया है। पारिवारिक लाभ योजना के साथ आपदा कोष से भी मुआवजा दिया जाएगा।

    शाम आठ बजे बनाया निशाना

    मंटू ने कहा कि बुधवार की शाम आठ बजे राजा घर के पास ही ठेला लगा रहे थे। उसी वक्त आतंकियों ने उन्हें पास से दो गोलियां मारीं। एक गले और दूसरी पेट में लगी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

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