Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    नदी के बीच चट्टानों पर बने शिव मंदिर तक पहुंचना हुआ मुश्किल; उफान के बीच साइकिल के रिम से जलाभिषेक कर रहे श्रद्धालु

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 02:48 PM (GMT+05:30)

    बांका के कटोरिया के जमदाहा ओपी क्षेत्र में नदी के बीच स्थित बाबा अजगैबीनाथ धाम शिव मंदिर तक बारिश में पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद श्रद्धाल ...और पढ़ें

    कटोरिया के सुड़ियाझाझा में नदी के चट्टानों पर स्थापित है बाबा अजगैबीनाथ धाम शिव मंदिर; बारिश में जलमग्न होता है रास्ता

    कटोरिया के सुड़ियाझाझा में नदी के चट्टानों पर स्थापित है बाबा अजगैबीनाथ धाम शिव मंदिर; बारिश में जलमग्न होता है रास्ता

    HighLights

    1. नदी के बीच चट्टानों पर स्थित है बाबा अजगैबीनाथ धाम।

    2. बारिश में नदी उफान पर, मंदिर तक पहुंचना हुआ मुश्किल।

    3. श्रद्धालु साइकिल रिम से कर रहे हैं अनोखा जलाभिषेक।

    संवाद सूत्र, कटोरिया (बांका)। सावन माह में भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का एक अनोखा और विहंगम दृश्य जमदाहा ओपी क्षेत्र के सुड़ियाझाझा गांव के समीप देखने को मिल रहा है। यहां नदी के बीच स्थित विशाल चट्टानों पर बाबा अजगैबीनाथ धाम शिव मंदिर स्थापित है। बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह मंदिर चारों ओर से पानी से घिर जाता है और मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं की भक्ति के आगे उफनती नदी भी हार मान रही है।

    banka river temple devotees use bicycle rims for jalabhishek (3)

    साइकिल के रिम में लोटा फंसाकर अनोखा जलाभिषेक

    वर्ष 2015 में संत तुलेश्वर पूरी गोस्वामी द्वारा निर्मित इस मंदिर तक वर्षा के दिनों में सीधे पहुंचना लगभग नामुमकिन हो जाता है। जब नदी उफान पर होती है, तब श्रद्धालु अपनी आस्था के बल पर एक अनूठी तरकीब अपनाते हैं।

    भक्त साइकिल के रिम में जल से भरा लोटा फंसाकर नदी के बीच स्थापित शिवलिंग तक पहुंचाते हैं और भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। आस्था और जुगाड़ के इस अद्भुत संगम को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

    Banka River Temple Devotees Use Bicycle Rims for Jalabhishek (1)

    सोमवार और पूर्णिमा पर लगती है भक्तों की भारी भीड़

    ग्रामीणों ने बताया कि नदी के बीच प्राकृतिक पत्थरों पर स्थित इस शिव मंदिर की विशेष धार्मिक मान्यता है। सावन के पवित्र महीने, खासकर सोमवार, पूर्णिमा और शिवरात्रि पर यहां दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। लोग परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की मनोकामना लेकर भोलेनाथ के दरबार में माथा टेकते हैं।

    खबरें और भी

    banka river temple devotees use bicycle rims for jalabhishek (2)

    'सावधानी के साथ जारी है पूजा'

    मंदिर के पुजारी तुलेश्वर पूरी गोस्वामी प्रतिदिन विधि-विधान से बाबा की पूजा-अर्चना कराते हैं। उन्होंने बताया कि जलस्तर बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं को विशेष सतर्कता बरतनी पड़ती है, लेकिन इसके बावजूद उनकी भक्ति में कोई कमी नहीं आती।

    उधर, नदी में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से किनारे पर सावधानी बरतने और उफनती नदी में जाने से बचने की अपील की है।