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    बांका में खूनी 'मुर्गा पार्टी': जेल से बाहर आते ही मौत की नींद सोया अपराधी, दोस्तों पर हत्या का शक

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 03:32 PM (IST)

    बांका के शंभुगंज में चार दिन पहले जमानत पर छूटे एक युवक का शव मिला है। परिवार ने हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पुलिस सभी प ...और पढ़ें

    जेल से बाहर आते ही मौत की नींद सोया अपराधी, दोस्तों पर हत्या का शक

    जेल से बाहर आते ही मौत की नींद सोया अपराधी, दोस्तों पर हत्या का शक

    HighLights

    1. शंभुगंज में युवक जीतू कुमार का शव बरामद।

    2. चार दिन पहले ही जमानत पर जेल से छूटा था।

    3. परिवार ने हत्या का आरोप लगाया, पुलिस जांच में जुटी।

    संवाद सहयोगी, शंभुगंज (बांका)। करसोप स्थित चैती दुर्गा मंदिर के समीप बुधवार को एक युवक का शव मिला है। शव की पहचान केहनीचक गांव निवासी अजय कुमार के 28 वर्षीय पुत्र जीतू कुमार के रूप में हुई है।

    सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है। इधर स्वजन ने हत्या का आरोप लगाया है।

    इस बाबत मृतक के पिता अजय कुमार और मां नीरा देवी ने बताया कि पुत्र का शव पुलिया के समीप पानी भरे गड्ढे में मिला है। स्वजन घटना को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जता जताते हुए मौत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    ग्रामीणों के अनुसार जीतू कुमार चार दिन पहले ही खपड़ा निवासी सिक्का डॉन हत्याकांड में जमानत पर जेल से घर लौटा था। जेल से लौटने के बाद भी उसकी गतिविधियों में कोई बदलाव नहीं आया था। वह नशे का आदी था और राह चलते लोगों से गाली-गलौज कर दहशत फैलाता था।

    चर्चा है कि मंगलवार की शाम वह अपने तीन साथियों के साथ चैती दुर्गा मंदिर के समीप मुर्गा पार्टी कर रहा था। इसी दौरान किसी बात को लेकर एक साथी से विवाद हो गया, जिसके बाद मारपीट शुरू हो गई।

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    आशंका जताई जा रही है कि मारपीट के दौरान लगी अंदरूनी चोट से उसकी मौत हो गई। इसके बाद साथी शव को पुलिया के नीचे फेंककर फरार हो गए। हालांकि, पुलिस ने इस घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है।

    जीतू कुमार का आपराधिक इतिहास भी रहा है। सिक्का डॉन हत्याकांड के अलावा वह एक कपड़ा व्यवसायी से हथियार के बल पर लूटपाट के मामले में जेल जा चुका था। बाजार में हुई गोलीबारी की घटना में भी वह नामजद आरोपित रहा है। इधर

    परिवार पर इस घटना से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अजय कुमार के चार बच्चों में जीतू सबसे बड़ा था। छोटा भाई करुणानिधान गुजरात की एक निजी कंपनी में कार्यरत है, जबकि दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। पिता मजदूरी के सिलसिले में अक्सर बाहर रहते हैं। बेटे की मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

    थानाध्यक्ष राजकुमार प्रसाद ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और स्वजनों के आवेदन के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है।