यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 23, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बिहार में पानी के तेज बहाव से एक और पुल धंसा, 50 से ज्यादा गांव का संपर्क टूटा, नीतीश सरकार पर उठे सवाल
Bihar Bridge Collapse बांका के बेलहर प्रखंड के जिलानीपथ के खेसर-तारापुर मुख्य सड़क के लोहागर नदी पर बहोरना गांव के पास बना पुल शुक्रवार रात पानी के तेज ...और पढ़ें

HighLights
- बिहार में एक के बाद एक पुल धंसने की दो बड़ी घटनाएं
- पहले जमुई उसके बाद बांका, सरकार पर गंभीर सवाल
Bihar Bridge Collapse: संवाद सूत्र, बांका। बेलहर प्रखंड के जिलानीपथ के खेसर-तारापुर मुख्य सड़क के लोहागर नदी पर बहोरना गांव के पास बना पुल शुक्रवार रात पानी के तेज बहाव कारण धंस (Bihar Bridge Collapse) गया है। जिससे 50 से अधिक गांवों का आवागमन ठप हो गया है।
इसकी सूचना मिलते ही ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच रहे हैं। फिलहाल आवागमन बाधित है। इसे चलने लायक बनाए जाने की मांग ग्रामीणों ने की है।
इससे पहले शुक्रवार को जमुई के सोनो में वर्षा के बाद बरनार कजवे क्षतिग्रस्त हो गया है। इस पुल के दस पिलर दब गए हैं। लिहाजा, पुल एक ओर झुक गई है। प्रशासन ने बेरिकेटिंग लगाकर आवागमन पर रोक लगा दी है।
यह भी पढ़ें: Bridge Collapse: बिहार में पुल धंसा, दो दर्जन गांव प्रभावित; ग्रामीणों ने नीतीश सरकार पर लगाए ये गंभीर आरोप
जिले में बीते दो दिनों से लगातार जोरदार वर्षा हो रही थी। बरनार नदी में बाढ़ आई और पानी के तेज बहाव से इसके दस पिलर दब गए।
नीतीश सरकार और प्रशासन पर उठे सवाल
बांका(Banka) और जमुई(Jamui) में पुल धंसने (Bihar Bridge Collapse) की एक के बाद एक, दो बड़ी घटनाएं देखी गई। यह सीधा बिहार में चल रही JDU और RJD सरकार और उनके प्रशासन पर सवाल खड़ा करता है। नीतीश कुमार(Nitish Kumar) की पार्टी उन्हें सुशासन बाबू(Nitish Kumar) का तमगा देती है, लेकिन अगर सुशासन बाबू(JDU)) का ऐसा शासन और प्रशासन है तो सवाल तो गंभीर उठेंगे ही।
यह भी पढ़ें: Black Deer Hunting Case: काला हिरण शिकार मामले में थानाध्यक्ष को SP ने किया बर्खास्त, जांच में मिली ये चीजें