अब पशु की अचानक मौत पर नहीं होगा नुकसान, मात्र ₹289 में पाएं ₹50,000 का सुरक्षा कवच
सरकार ने दुधारू पशुओं के लिए बीमा योजना शुरू की है, जिसमें पशुपालकों को मात्र 289 रुपये के अंशदान पर 50,000 रुपये तक का बीमा कवर मिलेगा। ...और पढ़ें

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संवाद सूत्र, बांका। सरकार ने पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दुग्ध पशुओं के बीमा की योजना शुरू की है।
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के गव्य विकास निदेशालय की ओर से संचालित इस योजना का उद्देश्य पशुपालकों को पशुओं की आकस्मिक मृत्यु या गंभीर बीमारियों से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचाना है।
योजना के तहत प्रत्येक दुग्ध पशु का अधिकतम 50 हजार रुपये तक का बीमा कराया जा सकता है। बीमा का कुल प्रीमियम 1,155 रुपये निर्धारित किया गया है, जिसमें 75 प्रतिशत यानी 866 रुपये राज्य सरकार अनुदान के रूप में वहन करती है। इसके बाद पशुपालक को केवल 289 रुपये का अंशदान देना होगा।
विभाग के अनुसार, यह योजना सभी वर्ग के पशुपालकों के लिए है। बीमा के दायरे में लंपी, त्वचा रोग जैसी गंभीर बीमारियों के साथ-साथ दुर्घटना अथवा अन्य कारणों से पशु की मृत्यु होने की स्थिति भी शामिल है। ऐसे मामलों में बीमा के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का मानना है कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होने से डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में स्थिरता आएगी। विभाग ने अधिक से अधिक पशुपालकों से इस योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
पशुपालकों को बीमा कराने के लिए आनलाइन विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि कम प्रीमियम में मिलने वाली यह बीमा सुविधा पशुपालकों के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन व्यवसाय को नई मजबूती मिलेगी।
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दुधारू पशुओं के लिए बीमा की योजना अभी चल रही है। सरकार 75 फीसद तक प्रत्येक किश्त पर सब्सिडी दे रही है। जिसमें 50 हजार तक का बीमा कवर मिलेगा। -रामकिशोर, फील्ड आफिसर, गव्य विकास विभाग।