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    बिहार पंचायत चुनाव 2026: बुजुर्ग, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं के लिए ई-वोटिंग की नई सुविधा

    Updated: Fri, 08 May 2026 01:38 PM (IST)

    बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने 2026 के पंचायत चुनाव में बुजुर्गों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं के लिए ई-वोटिंग की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है। ...और पढ़ें

    बुजुर्ग, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं के लिए ई-वोटिंग की नई सुविधा (AI Generated Image)

    बुजुर्ग, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं के लिए ई-वोटिंग की नई सुविधा (AI Generated Image)

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    जागरण संवाददाता, बांका। आगामी पंचायत चुनाव (Bihar Panchayat Chunav 2026) को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार नई पहल करते हुए बुजुर्ग, दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं के लिए ई-वोटिंग की सुविधा शुरू करने का निर्णय लिया है।

    पहली बार लागू की जा रही इस व्यवस्था का उद्देश्य विशेष जरूरत वाले मतदाताओं की चुनावी भागीदारी बढ़ाना और उन्हें मतदान केंद्र तक आने-जाने की परेशानी से राहत देना है।

    जिला में पंचायत चुनाव के दौरान 25 जिला परिषद सदस्यों के अलावा 182 मुखिया, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, वार्ड सदस्य और पंच पदों के लिए मतदान कराया जाएगा।

    आयोग के निर्देश के अनुसार, 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाता तथा गर्भवती महिलाएं ई-वोटिंग सुविधा के लिए आवेदन कर सकेंगी। हालांकि, प्रत्येक बूथ पर कुल मतदाताओं के केवल 30 प्रतिशत पात्र लोगों को ही इसका लाभ दिया जाएगा।

    आयोग का कहना है कि यह सीमा व्यवस्था के दुरुपयोग को रोकने और वास्तविक जरूरतमंदों तक सुविधा पहुंचाने के लिए तय की गई है।

    ई-वोटिंग का लाभ लेने के लिए इच्छुक मतदाताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन देना होगा। आवेदन के साथ आवश्यक प्रमाण पत्र और दस्तावेज भी जमा करने होंगे।

    पात्रता की जांच और सत्यापन की जिम्मेदारी बीएलओ, आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविकाओं को सौंपी गई है। ये कर्मी घर-घर जाकर सर्वे करेंगे और पात्र मतदाताओं की सूची तैयार करेंगे। सूची की जांच के बाद ही संबंधित मतदाता को ई-वोटिंग की अनुमति मिलेगी।

    गलत जानकारी पर लाभ लेने पर होगी कार्रवाई

    राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि गलत जानकारी देकर सुविधा लेने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी आवेदनों की गंभीरता से जांच की जाएगी।

    2021 में हुए चुनाव के पुराने चुनावी दस्तावेजों को नष्ट करने का निर्देश

    इधर, आयोग ने पंचायत चुनाव 2021 से जुड़े पुराने चुनावी दस्तावेजों को नष्ट करने का निर्देश भी जारी किया है। इस संबंध में बांका समेत राज्य के सभी जिलों के डीएम को पत्र भेजा गया है।

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    निर्देश में कहा गया है कि मतदाता सूची, मतदान रजिस्टर और अन्य चुनावी अभिलेखों को नियमानुसार वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ नष्ट किया जाएगा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।