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    Bihar Politics: बांका में लालटेन छोड़ तीर थाम रहे नेता, 4 बागी बने उम्मीदवार

    Updated: Fri, 31 Oct 2025 03:29 PM (GMT+05:30)

    बांका जिले में विधानसभा चुनाव के टिकट बंटवारे के बाद राजनीतिक उथल-पुथल मची है। कई नेता पार्टियां बदल रहे हैं, जिससे राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं। राजद क ...और पढ़ें

    बांका में लालटेन छोड़ तीर थाम रहे नेता, 4 बागी बने उम्मीदवार

    बांका में लालटेन छोड़ तीर थाम रहे नेता, 4 बागी बने उम्मीदवार

    HighLights

    1. टिकट बंटवारे के बाद बांका में हलचल

    2. राजद कार्यकर्ताओं ने थामा जदयू का हाथ

    3. बागियों ने मुकाबले को बनाया दिलचस्प

    बिजेन्द्र कुमार राजबंधु, बांका। विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कई पुराने नेता अब नए राजनीतिक ठिकाने तलाश रहे हैं। स्थिति यह बन गई है कि जो नेता कल तक तीर (जदयू) की आलोचना करते नहीं थकते थे, आज वही तीर को थामने लगे हैं।

    दरअसल, जिले के पांचों विधानसभा सीटों पर इस बार 58 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें सबसे अधिक 15 उम्मीदवार बेलहर से और सबसे कम आठ सुरक्षित क्षेत्र धोरैया विधानसभा से हैं। यहां दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होना है, ऐसे में प्रत्याशियों की सक्रियता भी बढ़ गई है।

    धोरैया सुरक्षित सीट से वर्तमान राजद विधायक भूदेव चौधरी का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों में नाराजगी देखी जा रही है। इसी कारण पार्टी के युवा प्रदेश राजद सचिव नयन सिंह नटवर ने पार्टी और पद से इस्तीफा देकर जदयू को समर्थन देने की घोषणा की है।

    इसके पहले राजद जिला उपाध्यक्ष सह वर्तमान विधायक के कट्टर समर्थक प्रो. उमाशंकर सिंह, रखाल प्रसाद सिंह, पवन कुमार मंडल सहित कई कार्यकर्ताओं ने भी लालटेन को अलविदा कह दिया है।

    इधर, बेलहर विधानसभा सीट से जदयू सांसद गिरिधारी यादव के पुत्र चाणक्य प्रकाश रंजन को टिकट मिलने के बाद राजद में भी भूचाल आ गया है। राजद के एक दर्जन से अधिक स्थानीय नेता और कार्यकर्ता जदयू में शामिल हो गए हैं। इसमें प्रमुख रूप से चांदन प्रखंड के लाल मु, कमाल अंसारी, जफीर अंसारी, महेंद्र राय और इतवारी राय शामिल हैं।

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    दूसरी ओर भाजपा के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष मनीष कुमार शर्मा, विनोद पांडेय, निर्मल पांडेय और रंजन वर्णवाल ने राजद का दामन थाम लिया है। इससे तीनों प्रमुख दलों के बीच समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। खासकर दल-बदल और बागियों की इस बढ़ती सक्रियता से सियासी मुकाबला अब और भी दिलचस्प हो गया है।

    चार बागी बने उम्मीदवार:

    दल-बदल के साथ ही बागियों ने भी चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य कौशल कुमार सिंह बांका से पार्टी के प्रबल दावेदार थे, लेकिन वर्तमान विधायक रामनारायण मंडल को पुन: टिकट मिलने से नाराज होकर वे जनसुराज से उम्मीदवार बने हैं।

    इसी तरह राजद से जुम्मन ने पार्टी द्वारा मुस्लिम उम्मीदवार नहीं दिए जाने से नाराज होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं।

    बेलहर से राजद महासचिव मिठन यादव भी टिकट बंटवारे से असंतुष्ट होकर निर्दलीय मैदान में हैं, जबकि भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राजेश पासवान भी बेलहर से बागी प्रत्याशी बने हैं। राजेश निर्दलीय मैदान में हैं।