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बांका की सड़कों पर मौत बनकर खड़े हैं सूखे पेड़, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

Published: Thu, 05 Feb 2026 04:16 PM (IST)

पंजवारा, बांका में सड़क किनारे खड़े सूखे और मृत पेड़ बड़े हादसों का कारण बन सकते हैं। यह स्थिति कई ...और पढ़ें

सड़कों पर मौत बनकर खड़े हैं सूखे पेड़

सड़कों पर मौत बनकर खड़े हैं सूखे पेड़

HighLights

  1. पंजवारा में सड़क किनारे सूखे पेड़ बड़े हादसे का कारण बन रहे।

  2. प्रशासन व वन विभाग की अनदेखी से खतरा लगातार बढ़ रहा है।

  3. तेज हवा, बारिश में इनके गिरने से जान-माल का डर।

संवाद सूत्र, पंजवारा (बांका)। पंजवारा और आसपास के इलाकों में सड़क किनारे खड़े सूखे और मृत पेड़ किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। यह स्थिति कोई नई नहीं है, बल्कि कई वर्षों से जस की तस बनी हुई है। रोजाना हजारों राहगीर इन रास्तों से गुजरते हैं और उनकी नजरें इन जर्जर पेड़ों पर जरूर पड़ती है। 

हैरानी की बात यह है कि शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग के अधिकारी भी इस खतरे से अनजान नहीं हैं, इसके बावजूद समय रहते इन्हें हटाने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

पेड़ को हटाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं

सबसे चिंताजनक स्थिति पंजवारा–गोड्डा मार्ग पर एनएच 333ए के किनारे पंजवारा बाजार स्थित तालाब के पास देखने को मिलती है। यहां सड़क से सटे एक घर के सामने विशाल यूकोलिप्टस का पेड़ खड़ा है, जो पिछले तीन से चार वर्षों से पूरी तरह सूख चुका है। 

सड़क निर्माण के दौरान संवेदक एजेंसी ने इस मृत पेड़ को काटकर हटाने के लिए वन विभाग के पदाधिकारियों से अनुरोध भी किया था। स्थानीय ग्रामीणों ने भी कई बार इस पेड़ को हटाने की मांग की, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आम का पेड़ लंबे समय से मृत अवस्था में 

इसी तरह पंजवारा–बाराहाट मुख्य मार्ग पर राजघाट से पंजवारा रोड रेलवे हाल्ट के बीच दो से तीन सूखे पेड़ खड़े हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। पंजवारा–बौंसी मार्ग पर सिमरिया गांव के पास सड़क किनारे एक बड़ा आम का पेड़ लंबे समय से मृत अवस्था में खड़ा है। 

वहीं धोरैया–पंजवारा रोड पर भी सड़क किनारे कई सूखे पेड़ हादसे को न्योता दे रहे हैं। हालांकि विक्रमपुर चौक पर लंबे समय से खड़े एक मृत आम के पेड़ को कुछ महीने पहले काटकर हटा दिया गया, लेकिन अन्य स्थानों पर खतरा अभी भी बना हुआ है।

बारिश के दौरान पेड़ों के गिरने का डर

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा या बारिश के दौरान इन पेड़ों के गिरने का डर बना रहता है, जिससे कभी भी जान-माल की क्षति हो सकती है। खासकर बाजार और मुख्य मार्ग होने के कारण यहां वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही अधिक रहती है।

इस संबंध में वन विभाग के बौंसी रेंज के अवर निरीक्षक ने बताया कि क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े सूखे पेड़ों की गणना कर ली गई है और इसकी जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है। आदेश प्राप्त होते ही पेड़ों को हटाने की दिशा में समुचित पहल की जाएगी।