बांका जिले के सीमावर्ती इलाके में अवैध बालू खनन का खेल, झारखंड तक पहुंच रही सप्लाई
बांका के पंजवारा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में अवैध बालू खनन का मामला फिर सामने आया है। स्थानीय लोगों ...और पढ़ें

बांका जिले के सीमावर्ती इलाके में अवैध बालू खनन का खेल (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सूत्र, पंजवारा (बांका)। थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाकों में नदी से बालू के अवैध खनन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिहार की सीमा में पड़ने वाली नदी से रात के अंधेरे में चोरी-छिपे बालू निकाला जा रहा है, जिसे सीमावर्ती झारखंड के गांवों में पहुंचाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, बौंसी अंचल के कुड़रो पंचायत अंतर्गत अमरबढ़ैत गांव चीर नदी के पूर्वी छोर पर स्थित है, जबकि इसके आगे डहुंकी गांव बाराहाट अंचल के सबलपुर पंचायत में पड़ता है।
झारखंड तक हो रही रेत की सप्लाई
यहां से कुछ ही दूरी पर झारखंड की सीमा शुरू हो जाती है। झारखंड के इस इलाके में बालू का कोई स्थानीय स्रोत नहीं होने के कारण निर्माण कार्य के लिए इस नदी पर निर्भरता बताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर चर्चा
स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन पर प्रतिबंध के बावजूद रात में बड़े पैमाने पर बालू की निकासी हो रही है। हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर भी यह मामला खूब चर्चा में रहा।
एक वायरल पोस्ट में यह लिखा गया कि बिहार की सीमा से सस्ते दर पर बालू आसानी से उपलब्ध हो रहा है, इसलिए इसका विरोध करना स्थानीय हित में नहीं है। हालांकि, इस पोस्ट की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्या बोले थानाध्यक्ष?
मामले पर पूछे जाने पर थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि उनके थाना क्षेत्र में इस प्रकार की कोई आधिकारिक शिकायत नहीं मिली है।
उन्होंने आशंका जताई कि यह गतिविधि बौंसी थाना क्षेत्र से जुड़ी हो सकती है। फिर भी पूरे मामले की जांच की जाएगी और दोषियों की पहचान होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
