7 साल बाद बांका को मिला राष्ट्रीय गौरव : सुबोध, इब्नुल और पप्पू के बाद खुशबू का नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज
Banka National Teachers Award: बांका जिले की प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी को शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षक ...और पढ़ें
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Banka National Teachers Award: उर्दू मवि बिदायडीह की खुशबू कुमारी को राष्ट्रपति पुरस्कार, बांका की पहली महिला शिक्षिका रचेंगी इतिहास; उमाकांत को राजकीय सम्मान
HighLights
खुशबू कुमारी को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
वह बांका जिले की पहली महिला शिक्षिका हैं।
उमाकांत कुमार को राजकीय शिक्षक पुरस्कार मिलेगा।
जागरण संवाददाता, बांका। Banka National Teachers Award: आर्थिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े बांका जिले के इतिहास में शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। जिले के उर्दू प्राथमिक विद्यालय बिदायडीह की समर्पित प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी को शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित गरिमामय समारोह में 'राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार' से सम्मानित किया जाएगा। वे इस प्रतिष्ठित पुरस्कार को ग्रहण करने देश की राजधानी पहुंच चुकी हैं।
समारोह की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर शिक्षा में नवाचार पर संवाद किया और केंद्रीय शिक्षा मंत्री द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया गया। शनिवार को महामहिम राष्ट्रपति के कर-कमलों से यह सर्वोच्च सम्मान पाकर वे राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार हासिल करने वाली बांका जिले की पहली महिला शिक्षिका बनने का ऐतिहासिक गौरव प्राप्त करेंगी।
7 साल बाद बांका को मिला राष्ट्रीय सम्मान, इन दिग्गजों के बाद जुड़ा नाम
बांका जिले में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कारों का एक गौरवशाली इतिहास रहा है, जिसमें अब तक केवल तीन प्रमुख शिक्षकों के नाम दर्ज थे। सबसे पहले सूर्यनारायण सिंह उच्च विद्यालय मोहनपुर के प्रधानाध्यापक रहे स्वर्गीय सुबोध नारायण सिंह को तत्कालीन राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार दिया गया था। इसके बाद वर्ष 2008 में कैथाटीकर इस्लामिया मदरसा के शिक्षक स्वर्गीय इब्नुल हसन को यह सम्मान मिला था।
शिक्षक दिवस पर उर्दू प्राथमिक विद्यालय बिदायडीह की प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी को नई दिल्ली में मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
राष्ट्रपति पुरस्कार पाने वाली बांका जिले की पहली महिला शिक्षिका बनकर इतिहास रचेंगी खुशबू कुमारी
सुबोध नारायण सिंह, इब्नुल हसन और पप्पू हरिजन के बाद जिले को 7 साल बाद दोबारा मिला यह सर्वोच्च सम्मान
खड़ियारा मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक उमाकांत कुमार को पटना में मिलेगा राजकीय शिक्षक पुरस्कार; शिक्षा जगत में खुशी की लहर

वर्ष 2019 में मध्य विद्यालय कुल्हड़िया (अमरपुर) के तत्कालीन प्रधानाध्यापक पप्पू हरिजन को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस पुरस्कार से नवाजा था। वर्तमान में पप्पू हरिजन भागलपुर ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य पद पर पदस्थापित हैं। इसके बाद से पिछले सात वर्षों से जिले को इस राष्ट्रीय गौरव की प्रतीक्षा थी, जिसे शनिवार को खुशबू कुमारी ने अपनी निष्ठा और नवाचारी शिक्षण पद्धति के दम पर समाप्त कर दिया। खुशबू कुमारी पूरे बिहार से चयनित एक अन्य महिला शिक्षिका के साथ मंच साझा कर यह सम्मान प्राप्त करेंगी।

उमाकांत कुमार को पटना में मिलेगा राजकीय शिक्षक सम्मान
राष्ट्रीय फलक पर खुशबू कुमारी के परचम लहराने के साथ ही राज्य स्तर पर भी बांका का मान बढ़ा है। जिले के खड़ियारा मध्य विद्यालय के प्रधानाध्यापक उमाकांत कुमार को बिहार सरकार के 'राजकीय शिक्षक पुरस्कार' के लिए चुना गया है। वे इस राजकीय सम्मान को प्राप्त करने के लिए पटना पहुंच चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि बांका जिले से पिछले वर्ष आदित्य कुमार और उससे पूर्व के वर्षों में सुरभी कुमारी तथा सुमन सिंह को यह राजकीय सम्मान मिल चुका है।
जिले के शिक्षा अधिकारियों व शिक्षक संघों ने दी बधाई
जिले के दो शिक्षकों को एक साथ राष्ट्रीय और राजकीय सम्मान मिलने पर शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों में हर्ष का माहौल है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) देवनारायण पंडित, डीपीओ संजय कुमार यादव, डीपीओ फैयाज रहमान, गुणवत्ता शिक्षा समन्वयक मनोहर सिंह तथा शिक्षक संघ के वरीय नेता नागेश्वर साह और घनश्याम यादव ने दोनों शिक्षकों को बधाई दी है। अधिकारियों ने कहा कि खुशबू कुमारी और उमाकांत कुमार की यह उपलब्धि बांका के अन्य सभी शिक्षकों को पूरी निष्ठा से बच्चों के भविष्य निर्माण में जुटने की प्रेरणा देगी।
