बांका में पहली ही बारिश में बहा ओढ़नी नदी का डायवर्जन, दर्जनों गांवों का शहर से संपर्क टूटा
बांका में ओढ़नी नदी पर बना अस्थायी डायवर्सन पहली ही भारी बारिश में बह गया, जिससे विदायडीह समेत कई गांवों का शहर से संपर्क टूट गया है। ...और पढ़ें

दर्जनों गांवों का शहर से संपर्क टूटा
संवाद सूत्र, बांका। नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 19 और 20 को जोड़ने वाले बांका-चुड़ैली-विदायडीह मार्ग पर ओढ़नी नदी पर बनाया गया अस्थायी डायवर्सन पहली ही बड़ी बारिश में बह गया। इसके साथ ही विदायडीह सहित आसपास के कई गांवों का शहर से सीधा संपर्क एक बार फिर टूट गया है।
अब हजारों ग्रामीणों को बांका शहर पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। डायवर्सन बहने के बाद इसके निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं।
शिक्षिका का वीडियो हुआ था वायरल
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष इसी मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर विदायडीह प्राथमिक विद्यालय की प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ था। उन्होंने विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों की परेशानी को प्रमुखता से उठाते हुए जिला प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की थी।
मामला चर्चा में आने के बाद तत्कालीन एसडीसी डॉ. सिद्धार्थ ने संज्ञान लिया था। जिला प्रशासन की पहल पर लोगों की आवाजाही बहाल करने के लिए ओढ़नी नदी पर अस्थायी डायवर्सन बनाया गया था और स्थायी पुल निर्माण का कार्य भी शुरू कराया गया था।
नदी के तेज बहाव में डायवर्सन भी बहा
हालांकि हाल की लगातार बारिश और नदी के तेज बहाव में डायवर्सन गुरुवार को पूरी तरह बह गया। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि डायवर्सन निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, यहां तक कि नगर परिषद के कचरे का भी इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण यह पहली बड़ी बारिश भी नहीं झेल सका।
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डायवर्सन बहने से चुड़ैली, विदायडीह, मानिकचक, निमाटांड़, डहरलंगी, हसिया, चंदवाडीह, मंझलाडीह और जगाय सहित कई गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजाना शहर आने-जाने वाले लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधान शिक्षिका खुशबू कुमारी ने कहा कि पिछले वर्ष बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने पर प्रशासन ने त्वरित पहल कर आवागमन की व्यवस्था कराई थी, लेकिन अब डायवर्सन बह जाने से उन्हें स्वयं भी विद्यालय आने-जाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने जल्द वैकल्पिक व्यवस्था करने और स्थायी पुल निर्माण में तेजी लाने की मांग की है।