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    श्रावणी मेले में शिवभक्तों का सैलाब; कोई बेलपत्र खाकर तो कोई स्केटिंग से कर रहा 103 KM लंबे कांवड़िया पथ की यात्रा

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 11:17 AM (GMT+05:30)

    विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले में दूसरी सोमवारी से पहले ही 103 किलोमीटर लंबे कांवड़िया पथ पर शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। श्रद्धालु बेलपत्र खाकर, फल ...और पढ़ें

    103 KM कांवड़िया पथ पर कांवरियों का अनोखा नियम; कोई स्केटिंग के सहारे तो कोई फलाहार पर पहुंचा बाबाधाम

    103 KM कांवड़िया पथ पर कांवरियों का अनोखा नियम; कोई स्केटिंग के सहारे तो कोई फलाहार पर पहुंचा बाबाधाम

    HighLights

    1. 103 किमी कांवड़िया पथ पर शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ा।

    2. बेलपत्र, फलाहार और स्केटिंग से पूरी कर रहे कठिन यात्रा।

    3. डाकबम, दंडी बम, स्केटिंग बम भी बाबाधाम पहुंच रहे।

    संवाद सहयोगी, चांदन (बांका)। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में दूसरी सोमवारी से पहले ही 103 किलोमीटर लंबे कच्चे कांवड़िया पथ पर शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। प्रतिदिन लाखों कांवड़िया सुल्तानगंज के अजगैवीनाथ धाम से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर 'बोलबम' के गूंजते जयघोष के साथ बाबाधाम (देवघर) की ओर बढ़ रहे हैं।

    इस कठिन यात्रा में साधारण पैदल कांवड़ियों के अलावा डाकबम, दंडी बम, स्केटिंग बम और कठिन व्रतों का पालन करने वाले श्रद्धालु अपनी-अपनी मनोकामनाएं लेकर बाबा बैद्यनाथ के दरबार पहुंच रहे हैं।

    सामान्य पैदल कांवड़िया इस तीन से पांच दिनों में दूरी तय करते हैं, जबकि डाकबम जल उठाने के बाद बिना रुके 24 घंटे के भीतर बाबाधाम पहुंचकर जलार्पण करते हैं। वहीं दंडी बम पूरी यात्रा रास्ते भर दंडवत प्रणाम करते हुए तय करते हैं। इसे सबसे कठिन साधना माना जाता है, जिसे पूरा करने में दो से तीन महीने का समय लगता है।

    कोई बेलपत्र खाकर तो कोई फलाहार पर तय कर रहा सफर

    कांवड़ियों की अटूट आस्था उनके खान-पान और कठिन संकल्पों में भी साफ झलकती है:

    • केवल बेलपत्र पर यात्रा: पटना के राजू बम लगातार चौथे वर्ष केवल बेलपत्र खाकर यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारी से पुत्र के स्वस्थ होने के बाद उन्होंने यह कठिन संकल्प लिया था।

    • फलाहार संकल्प: धनबाद के मौसम बम पिछले 14 वर्षों से केवल फलाहार पर रहकर बाबा को जल अर्पित कर रहे हैं।

    • अरवा भोजन का नियम: सहरसा के संजू बम और गिरिधारी बम पिछले दस वर्षों से केवल अरवा भोजन ग्रहण कर अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं।

    स्केटिंग से यात्रा और 15 वर्षों का अटूट विश्वास

    दरभंगा के सुरेश बम, नेपाल के मनोज बम और कटिहार के सुधीर बम ने बताया कि वे लगातार 15 वर्षों से सावन में बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करते आ रहे हैं।

    उधर, शेखपुरा के अजय कुमार, मनोज कुमार, सुनील शुक्ला और रमेश रतन जैसे युवा स्केटिंग के सहारे बाबाधाम की यात्रा कर रहे हैं। इन युवाओं का कहना है कि स्केटिंग से यात्रा करना उनके लिए श्रद्धा और रोमांच का अनूठा संगम है। श्रद्धालुओं का मानना है कि 'बोलबम' के जयघोष से रास्ते की पूरी थकान दूर हो जाती है और बाबा की कृपा से हर मनोकामना पूरी होती है।

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