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    ग्रामीण रोजगार में बड़ा बदलाव: मनरेगा की जगह लागू हुई 'जी राम-जी', 125 दिन काम और ₹300 दिहाड़ी की गारंटी

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 01:33 PM (IST)

    केंद्र सरकार ने मनरेगा की जगह वीबी-जी राम-जी योजना लागू की है, जिसमें ग्रामीण परिवारों को अब 125 दिन के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी। ...और पढ़ें

    मनरेगा की जगह लागू हुई 'जी राम-जी', 125 दिन काम और ₹300 दिहाड़ी की गारंटी (AI Generated Image)

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    संवाद सूत्र, बांका। ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार से वीबी-जी राम-जी को लागू कर दिया है। इसके साथ ही मनरेगा के स्थान पर जी राम-जी प्रभावी हो गई है। नई व्यवस्था के तहत अब पात्र ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलेगी।

    इससे पहले मनरेगा के तहत 100 दिनों के रोजगार का प्रविधान था। सरकार का दावा है कि नई योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ आजीविका को और सशक्त बनाना है।

    योजना के प्रचार-प्रसार के लिए गांवों में दीवार लेखन, होर्डिंग एवं पंपलेट के माध्यम से व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा।

    योजना के तहत मजदूरी दर में भी वृद्धि की गई है। अब मजदूरों को 255 रुपये के बजाय 300 रुपए प्रतिदिन मजदूरी मिलेगी। संशोधित दरें एक जुलाई से प्रभावी हो गई हैं।

    नई योजना के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिले के सभी प्रखंडों में जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण के दौरान योजना के प्रावधान, कार्य आवंटन, मजदूरी भुगतान और निगरानी व्यवस्था की विस्तृत जानकारी दी गई।

    निजी और सार्वजनिक दोनों प्रकार की योजनाएं

    डीपीओ मनोरंजन प्रसाद ने बताया कि इसमें निजी एवं सार्वजनिक दोनों प्रकार के कार्य कराए जाएंगे। निजी योजनाओं में पौधारोपण, वर्मी कंपोस्ट पीट, खेत पोखरी, बकरी शेड और मुर्गी शेड शामिल हैं।

    वहीं सार्वजनिक योजनाओं में पौधारोपण, सोख्ता पीट निर्माण, चेकडैम, ग्रामीण हाट, सड़क निर्माण, प्रत्येक प्रखंड में 10 आंगनबाड़ी केंद्र, तालाब निर्माण एवं जीर्णोद्धार सहित अन्य विकास कार्य शामिल किए गए हैं।

    20 जुलाई तक काम पर रहेगा रोक

    जी राम जी में किए गए नए प्रविधानों के अनुसार, ग्रामीण विकास विभाग ने धान एवं गेहूं की बोआई और कटाई के पीक सीजन के दौरान नए कार्यों के संचालन, स्वीकृति एवं शुरुआत पर रोक लगाने का आदेश दिया है। यह व्यवस्था एक जुलाई से प्रभावी होगी और कृषि कार्यों के निर्धारित समय के अनुसार लागू रहेगी।

    जारी अधिसूचना के अनुसार, बांका जिला कृषि-जलवायु क्षेत्र-III ए (दक्षिण-पूर्व जलोढ़ मैदान) में शामिल है। इस क्षेत्र के लिए धान की बोआई के दौरान एक जुलाई से 20 जुलाई तक तथा धान की कटाई के समय आठ नवंबर से 18 नवंबर तक जी-राम-जी के तहत कोई नया कार्य प्रारंभ नहीं किया जाएगा।

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    इसी प्रकार गेहूं की बोआई के लिए 20 नवंबर से 10 दिसंबर तथा गेहूं की कटाई के दौरान एक अप्रैल से 10 अप्रैल तक भी यही व्यवस्था प्रभावी रहेगी।

    सामग्री मद में जल्द होगा भुगतान

    जी राम जी के लागू होने के साथ-साथ मनरेगा में किए गए पुराने कार्यों का भुगतान भी जल्द होने की उम्मीद है। वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के दौरान पक्की कार्यों में मजदूरी का भुगतान तो हो गया है, लेकिन सामग्री मद में भुगतान नहीं हो सका है। इसका भुगतान वेंडर को होना है।

    मनरेगा की जगह जी राम-जी को लागू कर दिया गया है। इसमें अब 100 की जगह 125 दिन काम की गारंटी मिलेगी। साथ ही अभी तक मजदूरी का भुगतान 255 रुपए प्रति दिन हो रहा था, जिसे बढ़ाकर 300 रुपए प्रति दिन कर दिया गया है। - उपेंद्र सिंह, डीडीसी

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