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सब्जियों के दाम में उछाल : प्याज ₹55 किलो पहुंचा, बिगड़ा रसोई का बजट; परवल व आलू से थाली को थोड़ी राहत

Published: Mon, 24 Aug 2026 11:59 PM (IST)

सावन मास की समाप्ति के बाद बांका में हरी सब्जियों के दाम अचानक बढ़ गए हैं, प्याज ₹55 प्रति किलो ...और पढ़ें

सावन बीतते ही हरी सब्जियों की कीमतों में डेढ़ गुना तक उछाल; रांची और हंसडीहा की आवक पर निर्भर बाजार

सावन बीतते ही हरी सब्जियों की कीमतों में डेढ़ गुना तक उछाल; रांची और हंसडीहा की आवक पर निर्भर बाजार


HighLights

  1. सावन के बाद बांका में सब्जियों के दाम बढ़े।

  2. प्याज ₹55 प्रति किलो, रसोई का बजट प्रभावित।

  3. स्थानीय आवक बढ़ने पर कीमतें घटने की उम्मीद।

संवाद सहयोगी, बांका। सावन मास की समाप्ति के साथ ही स्थानीय सब्जी मंडी में हरी सब्जियों के दामों में अचानक तेजी आ गई है। प्याज समेत कई प्रमुख हरी सब्जियों के भाव में डेढ़ गुना तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम परिवारों और गृहणियों के रसोई का मासिक बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है। स्थानीय स्तर पर आवक बेहद सीमित होने के कारण बांका के सब्जी विक्रेता दूसरे जिलों व राज्यों से माल मंगाने को विवश हैं। बाहरी मंडियों पर निर्भरता और ढुलाई खर्च बढ़ने से खुदरा बाजार में कीमतें आसमान छू रही हैं।

वर्तमान में खुदरा बाजार में प्याज ₹55 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे तड़के की लागत बढ़ गई है। हालांकि, आलू ₹15 प्रति किलो, परोल ₹20 और करेला ₹30 प्रति किलो बिकने से मध्यम व निम्न वर्गीय परिवारों की थाली को थोड़ी राहत जरूर मिल रही है।

हंसडीहा और रांची से आ रही सब्जियां, स्थानीय आवक से घटेंगे दाम

थोक सब्जी विक्रेता सन्नी कुमार राय ने बताया कि इस समय बांका मंडी में अधिकांश सब्जियां हंसडीहा (झारखंड) और रांची से मंगाई जा रही हैं। स्थानीय स्तर पर खेतों से आवक न के बराबर होने के चलते थोक भाव में ही तेजी बनी हुई है।

विक्रेताओं के अनुसार, बारिश का दौर थमने के बाद अब स्थानीय स्तर पर अल्ती, कच्चू और विभिन्न प्रकार के मौसमी साग बाजार में पहुंचने शुरू हो गए हैं। अगले एक सप्ताह के भीतर जब स्थानीय स्तर पर सब्जियों की आवक पूरी तरह शुरू हो जाएगी, तब बाजार में कीमतों में ₹10 से ₹15 प्रति किलो तक की गिरावट आने की प्रबल संभावना है।

गृहणियां बोलीं- बढ़ती महंगाई से कैसे संभले घर का खर्च

स्थानीय गृहणी विभा सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि प्याज और हरी सब्जियों के दाम अचानक बढ़ने से घर चलाना मुश्किल हो रहा है। यदि प्याज के दाम और बढ़े तो थाली से हरी सब्जियां गायब होने लगेंगी। उन्होंने प्रशासन से जमाखोरी रोकने और मूल्य नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

वहीं, खुदरा दुकानदारों का कहना है कि मंडी से महंगी सब्जी लाने के बाद ग्राहकों से मोलभाव करना कठिन हो जाता है। खरीद अधिक होने के कारण मुनाफा बेहद कम रह गया है।

बांका बाजार में सब्जियों के भाव (प्रति किलो):

  • प्याज: ₹55

  • ओल: ₹60

  • फूलगोभी: ₹50 प्रति पीस

  • परवल / टमाटर / बींस / बंधा गोभी / मूली / अल्ती / बोड़ा: ₹40

  • करेला: ₹30

  • परोल: ₹20

  • आलू: ₹15