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    पीएम आवास सर्वे लिस्ट में शामिल हजारों लाभार्थियों पर लटकी तलवार, योजना से होंगे बाहर!

    Updated: Thu, 05 Feb 2026 03:26 PM (IST)

    बेगूसराय में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत 2.79 लाख से अधिक लाभार्थियों का सर्वेक्षण हुआ है। पहली जांच में लगभग 95 हजार अपात्र लाभार्थी चिह्न ...और पढ़ें

    सर्वेक्षण सूची में शामिल 95 हजार आवास लाभार्थियों पर लटकी तलवार (AI Generated Image)

    सर्वेक्षण सूची में शामिल 95 हजार आवास लाभार्थियों पर लटकी तलवार (AI Generated Image)

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    श्रीकृष्ण मिश्र, बेगूसराय। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लाभ से वंचित जिले के पात्र लाभुकों का सर्वेक्षण विभाग द्वारा कराया गया है। सर्वेक्षण सूची में जिले के कुल दो लाख 79 हजार 648 लाभुकों का नाम शामिल किया गया है, लेकिन इसमें से प्रथम स्तर के जांच के उपरांत करीब 95 हजार लाभुकों पर तलवार लटक गई है। अंतिम जांच के बाद ऐसे लाभुक सूची से बाहर भी हो सकते हैं।

    दो तरीके से हुआ सर्वेक्षण:

    प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत छूटे हुए पात्र लाभुकों को योजना का लाभ देने हेतु सूची निर्माण के लिए दो तरीके से सर्वेक्षण हुआ है। एक सर्वेक्षण सरकारी कर्मियों द्वारा किया गया है तथा उनके द्वारा चिह्नित पात्र परिवारों का नाम सूची में शामिल किया गया है, जबकि सरकार के प्रविधान के मुताबिक दूसर सर्वेक्षण लाभुक द्वारा स्वयं से किया गया है।

    जिसमें लाभुक खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सूची में नाम शामिल किया है। सरकारी कर्मियों द्वारा किए गए सर्वेक्षण सूची में करीब दो लाख 29 हजार लाभुक शामिल हैं। जबकि लाभुकों द्वारा खुद से किए गए सर्वेक्षण सूची में करीब 51 हजार लाभुक शामिल हैं।

    कराई गई प्रथम स्तर की जांच:

    सर्वेक्षण सूची में शामिल अपात्र लाभुकों को चिह्नित करने के लिए विभाग द्वारा प्रथम स्तर की जांच कराई गई। जांच के दौरान करीब 95 हजार ऐसे लाभुक परिवारों को चिह्नित किया गया है, जो आवास योजना के पात्र लाभुक के दायरे में नहीं आते हैं।

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    फाइनल सूची से पूर्व होगी द्वितीय स्तर की जांच:

    विभागीय अधिकारी के मुताबिक प्रथम स्तर की जांच में चिह्नित लाभुक परिवारों की जांच एक बार फिर कराई जाएगी। यह जांच प्रखंड अथवा जिला स्तर के अधिकारियों के माध्यम से कराई जाएगी। जांच में ऐसे अधिकारियों को शामिल किया जाएगा जो प्रथम स्तर की जांच में शामिल नहीं थे।

    ऐसे होती है जांच:

    जांच प्रक्रिया की बात करें तो जांच अधिकारी लाभुक परिवारों के घर तक पहुंचते हैं। जहां घर एवं लाभुक के साथ फोटोग्राफ्स एवं वीडियो तैयार किया जाता है। पूछताछ कर पात्रता से संबंधित जानकारी भी ली जाती है। जांच की यह पूरी प्रक्रिया विभाग के सर्वेक्षण एप पर ऑनलाइन दर्ज भी की जाती है। इससे वरीय अधिकारियों को भी जांच रिपोर्ट दिखते रहता है।

    क्या बोले अधिकारी?

    पूछे जाने पर आवास योजना के प्रभारी पदाधिकारी कृष्ण प्रसाद गुप्ता ने कहा कि विभाग का प्रयास है कि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित नहीं हों, इसलिए प्रथम स्तर की जांच के बाद द्वितीय स्तर की जांच कराने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।