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    चॉक-डस्टर लेकर बच्चों के बीच पहुंच गए बेगूसराय डीएम; ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाया, भविष्य के लिए दे गए सीख

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 08:33 AM (IST)

    बेगूसराय के जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने मटिहानी के आदर्श विद्यालय का निरीक्षण किया और अधिकारी की भूमिका से हटकर बच्चों को ब्लैकबोर्ड पर पढ़ाया ...और पढ़ें

    ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को पढ़ाते डीएम श्रीकांत शास्त्री। जागरण

    ब्लैकबोर्ड पर बच्चों को पढ़ाते डीएम श्रीकांत शास्त्री। जागरण

    HighLights

    1. डीएम श्रीकांत शास्त्री ने मटिहानी स्कूल में बच्चों को पढ़ाया।

    2. उन्होंने छात्रों को नियमित अध्ययन और लक्ष्य निर्धारण की प्रेरणा दी।

    3. गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए।

    संवाद सूत्र, मटिहानी (बेगूसराय)। आदर्श विद्यालय, मटिहानी में गुरुवार को उस समय माहौल कुछ अलग हो गया, जब विद्यालय के निरीक्षण पर पहुंचे जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री अधिकारी की भूमिका से इतर शिक्षक के रूप में नजर आए।

    कक्षा में पहुंचते ही उन्होंने खुद ब्लैकबोर्ड संभाला और विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें पढ़ाया। डीएम ने बच्चों से सवाल पूछे, उनकी विषय संबंधी समझ को परखा और सही उत्तर देने पर उनका उत्साह बढ़ाया।

    जिला पदाधिकारी का यह सहज, आत्मीय और संवादपूर्ण अंदाज छात्र-छात्राओं के लिए एक यादगार अनुभव बन गया। डीएम ने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, पसंदीदा विषय, विषयों की समझ तथा विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।

    उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने और जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कहा कि शिक्षा बेहतर भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास के बल पर जीवन में किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

    कक्षाओं के संचालन और शैक्षणिक गतिविधियों का लिया जायजा

    जिला पदाधिकारी ने विद्यालय में संचालित कक्षाओं, पठन-पाठन की व्यवस्था और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों का भी जायजा लिया। उन्होंने शिक्षकों से विद्यालय में पढ़ाई की स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति और शैक्षणिक प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की

    । साथ ही विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के समुचित एवं प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

    डीएम ने कहा कि केवल संसाधनों की उपलब्धता पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका बेहतर उपयोग कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और उपयोगी शिक्षा उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

    शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार प्रशासन की प्राथमिकता

    जिला पदाधिकारी ने कहा कि जिले के सभी शिक्षण संस्थानों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करना और गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है।

    विद्यार्थियों के हित में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग होना चाहिए, ताकि उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल सके।  अधिकारियों से शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में गंभीरता से कार्य करने की अपेक्षा जताई।

    डीएम ने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा और स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद जरूरी है। निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी का शिक्षक के रूप में बच्चों के बीच पहुंचना न केवल विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक रहा, बल्कि इससे विद्यालय में पढ़ाई को लेकर सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल भी देखने को मिला।

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