बेगूसराय के मंझौल में दमकल व्यवस्था बदहाल: 4 गाड़ियों पर सिर्फ 2 ड्राइवर, पानी की कमी से भी परेशानी
मंझौल अनुमंडल में अग्निशमन व्यवस्था गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। चार दमकल गाड़ियों के लिए केवल दो नियमित चालक हैं, जिससे आपात स्थिति में परेशानी होती ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
रजनेश सिन्हा, चेरिया बरियारपुर (बेगूसराय)। गर्मी का मौसम शुरू होते ही अगलगी की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में अग्निशमन व्यवस्था की मजबूती बेहद जरूरी होती है। लेकिन मंझौल अनुमंडल क्षेत्र में दमकल व्यवस्था कई बुनियादी समस्याओं से जूझ रही है।
चार दमकल गाड़ियां मौजूद होने के बावजूद चालक की कमी, पानी भरने की उचित व्यवस्था का अभाव और कर्मियों के लिए रहने की दयनीय स्थिति प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर रही है।
गर्मी का मौसम शुरू होते ही क्षेत्र में अगलगी की घटनाएं सामने आने लगती हैं। इन घटनाओं पर काबू पाने के लिए अनुमंडल प्रशासन की ओर से प्रखंड कार्यालय में चार अग्निशमन गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें दो बड़ी और दो छोटी गाड़ियां शामिल हैं। दो बड़ी और एक छोटी गाड़ी प्रखंड कार्यालय परिसर में रहती है, जबकि एक छोटी गाड़ी खोदावंदपुर थाना में तैनात की गई है।
ड्राइवर की कमी से व्यवस्था प्रभावित
हालांकि गाड़ियों की संख्या पर्याप्त होने के बावजूद चालक की भारी कमी से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। चार गाड़ियों के लिए केवल दो नियमित चालक ही उपलब्ध हैं। इसके अलावा एक गृह रक्षक चालक के रूप में सहयोग कर रहा है, जबकि एक गाड़ी चालक के अभाव में अक्सर खड़ी ही रह जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि आपात स्थिति में पूरे अनुमंडल क्षेत्र में अगलगी की घटनाओं पर समय रहते काबू कैसे पाया जा सकेगा।
दमकल कर्मियों को गाड़ियों में पानी भरने के लिए भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रखंड कार्यालय से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर बूढ़ी गंडक नदी बहती है, लेकिन वहां समतल भूमि नहीं होने के कारण दमकल गाड़ियों में सीधे पानी भरना संभव नहीं है।
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दमकलकर्मी झेल रहे रहन-सहन की गंभीर समस्या
ऐसी स्थिति में कर्मियों को समतल स्थानों पर मौजूद पोखरों या गड्ढों से पानी भरना पड़ता है। कई बार पोखरों में पानी नहीं होने पर बोरिंग के सहारे पानी भरने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। कर्मियों के अनुसार, वर्तमान में मंझौल स्थित जयमंगलागढ़ रोड पर बने सुधा दुग्ध शीतक केंद्र या फारेस्ट विभाग के नलकूप से पानी भरकर काम चलाया जाता है।
इसके अलावा दमकल कर्मियों को रहन-सहन की भी गंभीर समस्या झेलनी पड़ रही है। फिलहाल उन्हें बीडीओ द्वारा आवंटित प्रखंड कार्यालय के एक जर्जर भवन में रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
कर्मियों के लिए आवासीय व्यवस्था भी बदहाल
बताया जाता है कि वर्ष 2011-12 से यहां अग्निशमन दस्ते की तैनाती की गई है, लेकिन अब तक कर्मियों के लिए बेहतर आवासीय व्यवस्था नहीं हो सकी है। अनुमंडल अग्निशमन दस्ता में अग्निशमन पदाधिकारी का पद भी लंबे समय से रिक्त है। वर्तमान में दो सहायक अधिकारी, सात सिपाही, दो हवलदार और दो गृह रक्षक सिपाही यहां तैनात हैं।
कर्मियों का कहना है कि विभाग द्वारा कई बार भवन निर्माण के लिए राशि भी स्वीकृत हुई, लेकिन किसी कारणवश योजना आगे नहीं बढ़ सकी और राशि वापस लौट गई। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से आवास निर्माण और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था के लिए सार्थक पहल करने की मांग की है, ताकि अग्निशमन दस्ता बेहतर ढंग से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सके।