तीन साल तक जिंदगी से लड़ता रहा रोहित; आखिर हार गया जंग, मेधावी छात्र की मौत का कारण बनी जमीन
खोदावंदपुर के रोहित शर्मा की तीन साल पहले भूमि विवाद में हुई मारपीट के कारण इलाज के दौरान मौत हो गई। 23 वर्षीय रोहित, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी ...और पढ़ें

युवक की मौत पर विलाप करते स्वजन। जागरण
HighLights
भूमि विवाद में घायल रोहित शर्मा की मौत।
तीन साल तक चला इलाज, नहीं मिली राहत।
परिजन दोषियों को कड़ी सजा की मांग कर रहे।
संवाद सूत्र, खोदावंदपुर (बेगूसराय)। खोदावंदपुर थाना क्षेत्र की बरियारपुर पश्चिमी पंचायत के वार्ड संख्या दो निवासी 23 वर्षीय रोहित शर्मा आखिरकार जिंदगी की जंग हार गया।
करीब तीन वर्ष पूर्व भूमि विवाद को लेकर हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल रोहित की 30 मार्च की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई।
इस दुखद खबर के फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। सांत्वना देने ग्रामीण पहुंचते रहे।
तीन वर्ष पहले हुआ था घायल
जानकारी के अनुसार, 8 मई 2023को भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में रोहित गंभीर रूप से जख्मी हो गया था।
प्रारंभिक उपचार के बाद उसकी हालत बिगड़ने पर उसे बेगूसराय से पटना और फिर दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
लंबे समय तक चले इलाज के बावजूद उसकी सेहत में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। हाल के दिनों में उसे बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने अंतिम सांस ली।
प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करता था रोहित
मृतक के परिजनों ने पड़ोसी दिनेश शर्मा और उनके चार पुत्रों पर मारपीट का आरोप लगाया है। इस मामले में खोदावंदपुर थाना में पहले से ही प्राथमिकी दर्ज है, जो फिलहाल न्यायालय में लंबित है।
रोहित पढ़ाई में काफी मेधावी था और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। परिवार को उससे बड़ी उम्मीदें थीं। वह तीन भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा और सबसे लाड़ला था।
मंगलवार को बूढ़ी गंडक नदी स्थित रामघाट पर उसका अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने प्रशासन और न्यायालय से मामले के शीघ्र निपटारे तथा दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।