NTPC को 290 एकड़ भूमि नहीं देंगे बेगूसराय के किसान, कहा- कोर्ट के फैसले तक नहीं छोड़ेंगे जमीन
मटिहानी (बेगूसराय) में किसानों और प्रशासन के बीच 290 एकड़ कसहा दियारा भूमि को एनटीपीसी को दिए जाने पर वार्ता बेनतीजा रही। किसान इस भूमि पर 1921 से खेत ...और पढ़ें

किसानों ने किया विरोध। (जागरण)
HighLights
290 एकड़ कसहा दियारा भूमि पर किसान-प्रशासन वार्ता बेनतीजा।
किसान 1921 से खेती कर रहे, भूमि एनटीपीसी को देने का विरोध।
किसानों ने जमीन न छोड़ने और अदालत के फैसले का संकल्प लिया।
संवाद सूत्र, मटिहानी (बेगूसराय)। पटना जिला के मोकामा अंचल अंतर्गत कसहा दियारा की जमीन को टोपो लैंड घोषित कर बिहार सरकार द्वारा करीब 290 एकड़ भूमि एनटीपीसी को छाय निस्तारण के लिए दिए जाने के मामले को लेकर शनिवार को मटिहानी में किसानों और प्रशासन के बीच वार्ता हुई।
हालांकि बैठक का कोई ठोस परिणाम नहीं निकल सका और वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई। बताया जाता है कि कसहा दियारा की अधिकांश जमीन बेगूसराय जिले के मटिहानी अंचल के रामदीरी गांव के किसानों के दखल-कब्जे में है।
इसी मुद्दे को लेकर मोकामा अंचल के राजस्व अधिकारी शंभू कुमार तथा मटिहानी की सीओ पृथा अखौरी ने किसानों के साथ बैठक कर समाधान निकालने का प्रयास किया।
बैठक में किसानों ने कहा कि वर्ष 1921 में सरकार द्वारा बंदोबस्त कर यह जमीन उन्हें दी गई थी और तब से वे लगातार इस भूमि पर खेती करते आ रहे हैं।
किसानों का कहना था कि वे नियमित रूप से जमीन का रसीद भी कटाते रहे हैं, इसलिए अब इस जमीन को टोपो लैंड घोषित कर एनटीपीसी को देना उनके साथ अन्याय है।
किसानों ने प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि वे किसी भी स्थिति में अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे और अंतिम दम तक इसका विरोध करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए अदालत के फैसले से पहले किसी प्रकार की कार्रवाई उचित नहीं होगी। बैठक में जिला पार्षद झुन्ना सिंह, मुखिया अभय कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि एवं किसान उपस्थित थे।