NH-333B पर तेज रफ्तार का कहर: मॉर्निंग वॉक पर निकले दंपती की मौत, मुआवजे को लेकर सड़क जाम
NH-333B पर तेज रफ्तार एक्सयूवी ने मॉर्निंग वॉक पर निकले दंपती नथुनी यादव और इंदु देवी को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आक ...और पढ़ें

दंपती की मौत के बाद रोते स्वजन।
HighLights
तेज रफ्तार एक्सयूवी ने मॉर्निंग वॉक पर निकले दंपती को कुचला।
हादसे में नथुनी यादव और इंदु देवी की मौके पर मौत।
आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे की मांग को लेकर NH-333B जाम किया।
संवाद सूत्र, साहेबपुर कमाल (बेगूसराय)। NH-333B पर एक बार फिर तेज रफ्तार ने दो जिंदगियां छीन लीं। सोमवार सुबह करीब 4 बजे रघुनाथपुर करारी पंचायत के श्रीनगर गांव निवासी 55 वर्षीय नथुनी यादव और उनकी पत्नी इंदु देवी मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान श्रीनगर ढाला के पास एक तेज रफ्तार एक्सयूवी ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग मौके पर जुटने लगे।
आक्रोशित ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
दुर्घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने NH-333B को जाम कर दिया। मृतक के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग को लेकर लोग सड़क पर उतर आए।
जाम के कारण सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार हादसे के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।उन्होंने चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन मौके पर, समझाने की कोशिश
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। प्रखंड विकास पदाधिकारी रवि सिन्हा, थाना अध्यक्ष सिंटू कुमार और अंचलाधिकारी संतोष कुमार मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। साथ ही मुआवजा दिलाने का भरोसा भी दिया गया। फिलहाल स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी है।
लगातार हादसों से बढ़ी नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि NH-333B पर दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। पहले भी कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
हर हादसे के बाद विरोध होता है, लेकिन हालात जस के तस बने रहते हैं। ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा उपायों को लेकर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
अब इस घटना ने एक बार फिर लोगों के गुस्से को भड़का दिया है।
मुआवजे की मांग पर टिकी नजरें
ग्रामीण मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता दी जाए।
साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। देखना होगा कि इस बार कोई स्थायी समाधान निकलता है या नहीं।