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    बेगूसराय में NIFT को मिली 20 एकड़ जमीन, फैशन शिक्षा और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

    Updated: Fri, 24 Apr 2026 08:22 AM (GMT+05:30)

    बेगूसराय के मल्हीपुर में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट) के स्थायी परिसर के लिए 20 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। ...और पढ़ें

    निफ्ट बेगूसराय। (जागरण)

    निफ्ट बेगूसराय। (जागरण)

    HighLights

    1. निफ्ट के स्थायी परिसर हेतु 20 एकड़ भूमि आवंटित।

    2. फैशन शिक्षा, रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति।

    3. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बताया ऐतिहासिक निर्णय।

    संवाद सूत्र, बीहट (बेगूसराय)। बेगूसराय जिले में टेक्सटाइल उद्योग और फैशन शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव होने जा रहा है।

    बिहार सरकार की पहल पर जिले के मल्हीपुर मौजे में राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (निफ्ट), पटना के स्थायी परिसर के लिए 20 एकड़ भूमि आवंटित की गई है।

    इस निर्णय के साथ ही भवन निर्माण कार्य का रास्ता साफ हो गया है, इससे क्षेत्र में शैक्षणिक और औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

    जानकारी के अनुसार, बरौनी अंचल स्थित मल्हीपुर थाना संख्या 503 के खाता संख्या 261 और खेसरा संख्या 890 में स्थित 20 एकड़ भूमि को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा उद्योग विभाग को हस्तांतरित किया गया है।

    कैबिनेट की मिल चुकी है मंजूरी

    इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने इसकी पुष्टि की है। यह पहल राज्य में फैशन, वस्त्र और डिजाइन शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

    केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने इसे स्वदेशी शिल्प और कौशल विकास को बढ़ावा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि इससे बेगूसराय के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे।

    गौरतलब हो कि 17 सितंबर 2024 को बरौनी के देवना औद्योगिक क्षेत्र में निफ्ट पटना के एक्सटेंशन सेंटर की शुरुआत की गई थी, जहां वर्तमान में जीविका दीदियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

    निफ्ट पटना के निदेशक कर्नल राहुल शर्मा ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि स्थायी परिसर बनने से संस्थान की शैक्षणिक क्षमता और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूती मिलेगी।

    प्रस्तावित परिसर भविष्य में फैशन शिक्षा, अनुसंधान और उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनेगा, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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