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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar News: कॉलेजों में बढ़ रही छात्रों की संख्या, फिर क्यों कम की जा रही PG की सीटें? राज्यपाल ने दिया ये जवाब

    Updated: Fri, 23 Feb 2024 06:13 PM (IST)

    पूर्व सांसद व बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने बताया कि कॉलेजों में छात्रों की संख्या बढ़ने के बावजूद पीजी की सीटों ...और पढ़ें

    पूर्व सांसद व बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने राज्यपाल से की अपील। (फाइल फोटो)
    पूर्व सांसद व बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने राज्यपाल से की अपील। (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. कॉलेजों में बढ़ी छात्रों की संख्या मगर घटाई जा रही है पीजी की सीटें : शत्रुघ्न प्रसाद।
    2. कहा- पीजी की सीटों में 25 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है।

    जागरण संवाददाता, बेगूसराय। समाज में जागरूकता आ रही है। हर कोई अपने बच्चे को शिक्षित करना चाहता है। ऐसे में उनके लिए कॉलेजों के साथ-साथ उसके पढ़ाई की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। विगत दिनों एआइएसएफ के द्वारा शत्रुघ्न प्रसाद को जानकारी दी गई कि पीजी की सीटों में 25 प्रतिशत की कटौती कर दी गई है।  उन्होंने राज्यपाल सह कुलाधिपति राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मिलकर समस्याओं के समाधान की अपील की थी। आज उनका उत्तर प्राप्त हुआ है। 

    यह जानकारी पूर्व सांसद व बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के राज्य महासचिव शत्रुघ्न प्रसाद सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि हर साल स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि विद्यार्थियों के अनुरूप कॉलेजों में सीटें और संसाधन की भारी कमी होती जा रही है। इसमें सुधार की जरूरत है।

    उन्होंने कहा कि कुलाधिपति के निर्देश पर एलएनएमयू ने जो जानकारी दी है, उसके अनुसार कॉलेजों में 25 प्रतिशत पीजी सीटों में कटौती नहीं की गई है। विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या के अनुसार सीट बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग को पत्र लिखा गया है।

    बेगूसराय के साथ सौतेला व्यवहार

    इधर, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा व जिला अध्यक्ष अमरेश कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन बेगूसराय के साथ सौतेला व्यवहार करती है।

    इसका नतीजा है कि जीडी कॉलेज के प्राचार्य की लापरवाही और छात्र विरोधी मानसिकता की वजह से लगभग 200 विद्यार्थियों का नामांकन होकर भी उनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहा है। इसके कारण उनका भविष्य अधर में है। उन्होंने कहा कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर में सीट की भारी किल्लत है।

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