यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Prashant Kishor: 'मुर्गा-भात खाकर कहिएगा मुखिया जी चोर है', प्रशांत किशोर ने लोगों को अलग ही अंदाज में समझाया
Bihar News जनसुराज यात्रा के संयोजक प्रशांत किशोर इन दिनों बेगूसराय जिले में घूम रहे हैं। उन्होंने बखरी में लोगों को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान ल ...और पढ़ें

HighLights
- बेगूसराय के बखरी में प्रशांत किशोर ने लोगों को किया संबोधित
- प्रशांत किशोर ने लोगों को वोटों की कीमत समझाया
संवाद सहयोगी, बखरी (बेगूसराय)। Prashant Kishor: आपके वोट में वो ताकत है जो आपके बच्चों का भविष्य बदल सकता है। आप अपने वोट की ताकत को समझें और उसका सही प्रयोग करें। शनिवार को उक्त बातें जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बखरी में कहीं। उन्होंने कहा कि यही बताने के लिए विगत 16 महीने से बिहार की पदयात्रा पर हूं।
मुर्गा-भात खाकर वोट बेचिएगा तो मुखिया जी चोर ही होगा: प्रशांत किशोर
उन्होंने कहा कि हम गांव में जाते हैं, तो लोग कहते हैं कि मुखिया जी चोरी करते हैं। राशन कार्ड बनाने, इंदिरा आवास सहित सभी योजनाओं में घूस लग रहा है। तो सीधी समझ होनी चाहिए कि अगर आप अपना वोट बेचिएगा तो मुखिया जी चोर नहीं तो हरिशचंद्र थोड़े होगा।
अभी दो वर्ष पहले ही मुखिया चुनाव हुआ। इसमें पांच-पांच सौ रुपये लेकर, कहीं मुर्गा-भात खाकर वोट बेचा गया। ऐसे में ईमान की बात कैसे होगी। आपके बच्चों का भला कैसे होगा। इसलिए आपको अपने मताधिकार को समझना होगा। बिहार के लोगों को उसके मूल अधिकार के प्रति सचेत करने के लिए ही हमारी पदयात्रा है।
पद यात्रा के लिए सलौना ठाकुरबाड़ी में जुटे भारी जनसमूह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि प्रशांत किशोर समाज के सभी वर्गों को अपना परिवार समझते हैं। यही कारण है कि अति पिछड़ा समाज का सर्वाधिक भरोसा उनके नेतृत्व पर है।
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सभी पार्टियों ने कर्पूरी ठाकुर के नाम पर केवल राजनीति की है: प्रशांत किशोर
बिहार की सभी पार्टियों ने कर्पूरी ठाकुर के नाम पर केवल राजनीति की है। लेकिन इन सभी ने समाज के कमजोर वर्गों विशेषकर पिछड़ों, अति पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों के हितों का ध्यान नहीं रखा। बिहार के लोगों को अशिक्षित, फटेहाल और बेरोजगार बनाकर छोड़ दिया गया।
सभा में सभी राजनीतिक दलों पर अति पिछड़ा समाज की लगातार उपेक्षा करने तथा आबादी के हिसाब से राजनीतिक भागीदारी नहीं देने का आरोप भी लगाए गए। कहा, कि ढाई करोड़ बिहार के लोग यहां से पलायन करके देश के दूसरे प्रदेशों में रोजी-रोटी के लिए भटक रहे हैं और गालियां सुन रहे हैं।
यदि बिहार में उद्योग, अच्छी और उन्नत शिक्षा व्यवस्था होती, रोजगार के अवसर होते तो अति पिछड़े समाज की हालत बेहतर हुई होती।
बेगूसराय में क्रेन की मदद से प्रशांत किशोर को माला पहनाया
इसके बाद बेगूसराय जिले में पीके की पदयात्रा आरंभ हुई। यहां क्रेन की मदद से माला पहनाकर प्रशांत किशोर का भव्य स्वागत किया गया। भारी भीड़ के साथ आरंभ हुई पदयात्रा में ढोल-नगाड़े और कदम-कदम पर लोग फूल माला पहनाकर पीके का स्वागत करते दिखे। उनके स्वागत के लिए जिले के सभी प्रखंडों से लोग आए थे। पहले दिन पीके ने लगभग आठ किलोमीटर की पदयात्रा की।
इस दौरान वे अनुमंडल एवं सलौना चौक, रेलवे गुमटी के पास सार्वजनिक दुर्गा स्थान से पुरानी बैंक चौक, आंबेडकर चौक, मक्खाचक चौक, विश्वकर्मा चौक तक पहुंचे। लोगों से बातचीत की। अपनी कही और कुछ उनकी सुनी।
यात्रा के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि उनकी यह यात्रा बीते वर्ष दो अक्टूबर को गांधी भितहरवा आश्रम, पश्चिमी चंपारण से जन सुराज पदयात्रा शुरू कर पूर्वी चंपारण, शिवहर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा से होते हुए बेगूसराय के बखरी नगर परिषद पहुंचे हैं। अब वे जिले के हर प्रखंड के गांव-गांव में जाकर लोगों को वोट की ताकत का एहसास दिलाएंगे।